करनाल के घरौंडा में एंटी करप्शन ब्यूरो(एसीबी) ने एसडीएम के रीडर अशोक कुमार को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। हालांकि आरोपी ने भागने का भी प्रयास किया, लेकिन एसीबी ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने पैरोल रिहाई आदेश की कॉपी देने के बदले रिश्वत मांगी थी।
मंगलवार देर शाम छापेमारी के दौरान 3 हजार रुपए बरामद हुए। जबकि 1 हजार रुपए आरोपी ने छुपा दिए। आरोपी अशोक कुमार कैथल जिले का रहने वाला है। इससे पहले वह करनाल के आरटीआई विभाग में कार्यरत था। करीब 20 दिन पहले ही उसकी नियुक्ति घरौंडा एसडीएम कार्यालय में हुई थी।
पैरोल आदेश की कॉपी के बदले मांगी रिश्वत
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता को अपनी पैरोल रिहाई के आदेश की कॉपी निकलवानी थी। जब वह एसडीएम कार्यालय में रीडर अशोक कुमार के पास पहुंचा, तो उसने 4 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसीबी को की। शिकायत के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई की योजना बनाई और पीड़ित को पाउडर लगे नोट दिए।
छापेमारी के दौरान बरामद हुए 3000 रुपए
मंगलवार को एसीबी की टीम घरौंडा एसडीएम कार्यालय पहुंची। टीम ने सिविल ड्रेस में अपनी-अपनी पोजीशन संभाल ली। जैसे ही शिकायतकर्ता ने शाम को रीडर को पैसे दिए, एसीबी ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान 3 हजार रुपए बरामद हुए, जबकि 1 हजार रुपए आरोपी ने छुपा दिए। आरोपी को सवा छह बजे हिरासत में लेकर करनाल ले जाया गया।

भ्रष्टाचार के पुराने मामले भी रहे चर्चा में
घरौंडा एसडीएम कार्यालय में भ्रष्टाचार का इतिहास पुराना है। सितंबर 2022 में तहसीलदार निखिल सिंगला और उनके रीडर गुलशन को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया था। उस समय शिकायतकर्ता से जमीन की गिरदावरी ठीक कराने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत ली गई थी। रीडर गुलशन पर पहले भी रिश्वत के आरोप लग चुके थे। इसके अलावा करनाल तहसीलदार राजबख्श जैसे अधिकारियों को भी एसीबी ने रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस
मामले की जांच जारीइस मामले की जांच इंस्पेक्टर सीमा को सौंपी गई है। एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके साथ जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

