
नासिक। नासिक की टीसीएस (TCS) कंपनी में सामने आए यौन शोषण, छेड़छाड़ और कथित धर्मांतरण मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका नासिक सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है।
कोर्ट ने अपने आदेश में इस पूरे मामले को सुनियोजित और बहुआयामी साजिश बताया है। जांच एजेंसियों को इस केस में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
जांच में क्या-क्या सामने आया?
पीड़िता का कथित ब्रेनवॉश!
जांच में सामने आया है कि पीड़िता को धीरे-धीरे धार्मिक तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उसे बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने और हिंदू धर्म के खिलाफ कथित रूप से भ्रामक बातें बताकर मानसिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की गई।
मलेशिया कनेक्शन
सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि पीड़िता का नाम बदलकर उसे मलेशिया भेजने की कथित योजना बनाई जा रही थी। इस एंगल के सामने आने के बाद पुलिस ने डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच तेज कर दी है।
संगठित नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसियों को शक है कि यह मामला सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। कुछ स्थानीय और विदेशी संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
कई FIR दर्ज
इस पूरे मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
निदा खान की भूमिका क्या है?
पुलिस जांच के मुताबिक, निदा खान इस पूरे नेटवर्क की मुख्य समन्वयक बताई जा रही है। उस पर आरोप है कि उसने पीड़िता से लगातार संपर्क बनाए रखा, धार्मिक गतिविधियों में शामिल कराया और अन्य आरोपियों के साथ समन्वय किया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ‘निदा खान से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है, क्योंकि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी सामने आने बाकी हैं।’
विशेष जांच टीम (SIT) अब डिजिटल फॉरेंसिक जांच, बैंक ट्रांजैक्शन और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस का मानना है कि निदा खान की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस बीच टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेजने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।

