
नारनौल। देश की चर्चित छात्रवृत्ति परीक्षा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व मेधावी छात्रों के जीवन-वृत्त और उनकी पेशेवर उपलब्धियों का डेटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू होते ही यह सवाल उठने लगा है कि क्या सरकार इस योजना को नए स्वरूप में दोबारा शुरू करने की तैयारी में है।
दरअसल, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर के निर्देशों पर वर्ष 2010-11 से 2020-21 तक एनटीएसई (लेवल-2) उत्तीर्ण विद्यार्थियों का विस्तृत डेटा एकत्र किया जा रहा है। इसमें उनके करियर, उपलब्धियों और संभावित पेशेवर आयामों का अध्ययन किया जाएगा।
राज्य स्तर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, हरियाणा ने जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को गूगल लिंक भेजकर पूर्व छात्रों तक जानकारी पहुंचाने को कहा गया है, ताकि वे अपनी प्रोफाइल साझा कर सकें।
नीति निर्माण की दिशा में संकेत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का डेटा संग्रह केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। इससे यह आकलन किया जाएगा कि एनटीएसई जैसे कार्यक्रम से जुड़े छात्र आगे चलकर किन क्षेत्रों में कितना प्रभाव डाल रहे हैं। ऐसे अध्ययन अक्सर किसी योजना को पुनर्गठित या नए स्वरूप में लागू करने से पहले किए जाते हैं।
क्यों अहम है यह पहल
एनटीएसई लंबे समय तक देश में प्रतिभा पहचान की सबसे विश्वसनीय परीक्षा मानी जाती रही है। इसे पास करने वाले छात्र उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में खास पहचान बनाते रहे हैं। ऐसे में यदि इसके परिणामों का विश्लेषण सकारात्मक आता है, तो यह योजना फिर से शुरू करने या नए मॉडल में लाने की संभावना को बल मिल सकता है।
कोविड-19 के बाद नहीं हुआ एनटीएसई का आयोजन
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति परीक्षाओं में से एक रही है, जिसकी शुरुआत 1963 में नेशनल साइंस टैलेंट सर्च स्कीम के रूप में हुई थी। बाद में इसका दायरा बढ़ाते हुए इसे सभी विषयों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया और इसका नाम एनटीएसई कर दिया गया।
यह परीक्षा करीब छह दशक तक लगातार आयोजित होती रही और लाखों छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से प्रोत्साहित करती रही। हालांकि कोविड-19 महामारी के बाद 2021 से इसका आयोजन नहीं हुआ, जिसके चलते इसे फिलहाल स्थगित माना जा रहा है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से इसे पूरी तरह बंद करने की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अब पूर्व विद्यार्थियों का डेटा जुटाने की प्रक्रिया को इसके पुनर्गठन या दोबारा शुरू होने की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एवं क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर के निर्देशानुसार एनटीएसई (लेवल-2) उत्तीर्ण पूर्व विद्यार्थियों का डेटा एकत्र किया जा रहा है। इसके लिए जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व सीबीएसई स्कूलों को गूगल लिंक साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अध्ययन है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों की करियर प्रगति का विश्लेषण किया जाएगा। सभी संबंधित संस्थानों को समयबद्ध तरीके से डेटा उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।- डॉ. विश्वेश्वर कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।

