खुुशखबरी: उपभोक्ताओं को और सस्ती गैस मिलेगी, मैनपुरी में एचपीसीएल बनाएगा PNG मदर स्टेशन

मैनपुरी। युद्ध से उपजी घरेलू गैस सिलिंडर की समस्या ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को उड़ान दी है। अब कंपनी जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का मदर स्टेशन खोलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सिकंदरपुर के आसपास खाली जगह तलाशी जा रही है। जिले में 380 किमी से भी ज्यादा क्षेत्रफल में अपनी लाइन बिछाने के बाद अब कंपनी जिले को मुख्य पाइप लाइन के सहारे दूसरे बड़े जिलाें से जोड़ने की तैयारी भी कर रही है।

सिकंदरपुर में तलाशी जा रही है जगह, 380 किमी से ज्यादा क्षेत्र में बिछ चुकी है पाइप लाइन

वर्ष 2021 से जिले में पीएनजी की भूमिगत लाइन बिछा रही एचपीसीएल ने अब घरों की रसोई तक जगह बना ली है। जिले की बात करें तो 380 किमी से ज्यादा के क्षेत्रफल में पाइप लाइन बिछाने के साथ लगभग 280 किमी के क्षेत्र को चार्ज कर लिया गया है। वर्तमान में लगभग आठ हजार उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 16 हजार से ज्यादा के यहां कंपनी ने गैस के मीटर स्थापित करा दिए हैं।

एचपीसीएल द्वारा अब जिले को मुख्य पाइप लाइन के सहारे दूसरे बड़े जिलों से जोड़ने की तैयारी

वर्तमान समय में 900 से ज्यादा कनेक्शन सक्रिय हैं। अभी तक जो गैस आ रही है, वह कन्नौज जिला के गुरसहायगंज के मलिकपुर स्थित प्लांट से टैंकरों के माध्यम से पहुंचाई जाती है। अब कंपनी ने जिले में मदर स्टेशन बनाने के लिए सिकंदरपुर के आसपास की खाली जगह तलाशी है। इसके अतिरिक्त हाईवे पर भी अतिरिक्त स्थान की तलाश की जा रही है।

और सस्ती दर में मिलेगी गैस

मदर स्टेशन स्थापित होने के बाद सीधे भूमिगत लाइन से स्टेशन को गैस की आपूर्ति होगी, जिससे उपभोक्ताओं को और ज्यादा सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकेगी।

मदर स्टेशन से जुड़ेंगे चाइल्ड स्टेशन

अभी गैस को जिले तक लाने में कई प्रकार के अतिरिक्त खर्च होते हैं। मदर स्टेशन बनने के बाद यह व्यय खत्म हो जाएंगे। जिले के मदर स्टेशन से दूसरे चाइल्ड स्टेशनों को जोड़ा जाएगा, जिन पर टैंकरों की मदद से पीएनजी की आपूर्ति कराई जाएगी।

यह है वर्तमान स्थिति

  1. 280 किमी के क्षेत्र को चार्ज कर लिया गया है।
  2. 16 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के यहां कंपनी ने गैस के मीटर स्थापित कराए हैं।
  3. 900 से ज्यादा कनेक्शन सक्रिय हैं।
  4. 380 किमी से ज्यादा के क्षेत्रफल में पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है।
  5. 30 टन प्रतिदिन मिल रही है जिले को गैस।

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