
पटौदी (गुरुग्राम)। पटौदी नगर से गुजर रहे गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी मार्ग की जर्जर हालत लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है।
सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर कोई गंभीर ध्यान नहीं दे रहा। नगरवासियों का आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ज्ञात हो कि सरकार ने गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देते हुए पटौदी नगर के बाहर से बाईपास निर्माण योजना शुरू की थी। पिछले कई वर्षों से इस परियोजना का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। अब तक न तो बाईपास पूरी तरह तैयार हो पाया है और न ही वहां बनाए गए अधिकांश फ्लाईओवर एवं अंडरपास चालू किए गए हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर सर्विस रोड भी अधूरे पड़े हैं तथा उनमें गड्ढे बने हुए हैं।
बाईपास पूरी तरह चालू न होने के कारण अधिकांश वाहन चालक अब भी नगर के बीच से गुजर रहे पुराने मार्ग का प्रयोग कर रहे हैं। यही मार्ग स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही का भी मुख्य साधन है। परंतु यह सड़क लंबे समय से टूट-फूट का शिकार है।
सड़क पर बने गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक कई बार सड़क नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन टेढ़े-मेढ़े चलाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
नगरवासियों का कहना है कि बरसात के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और हादसों की आशंका बढ़ जाती है। वहीं दिनभर सड़क पर उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
व्यापारियों और आसपास रहने वाले लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बारे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक योगेश तिलक से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया परंतु संपर्क नहीं हो पाया।
क्या कहते हैं लोग
गुरुग्राम-पटौदी मार्ग लंबे समय से टूटा पड़ा है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

