गुरुग्राम: साइबर सिटी के पॉश इलाकों में स्टिल्ट नियमों की खुली अनदेखी, 968 मकान मालिकों को थमाए नोटिस

 नया गुरुग्राम। साइबर सिटी की पॉश कॉलोनियों में स्टिल्ट पार्किंग का दुरुपयोग अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (डीटीपीई) की जांच के घेरे में आ गया है।

19 लाइसेंस कालोनियों में स्टिल्ट के साथ बने चार मंजिला 1137 मकानों में नक्शे के उल्लंघन पाए गए हैं। इनमें से 968 भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि 18 मकानों को सील भी किया जा चुका है। विभाग इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करेगा।

डीटीपीई की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक उल्लंघन डीएलएफ फेज-दो में सामने आए हैं, जहां 453 मकानों में नियमों के विपरीत निर्माण मिला।

इसके अलावा डीएलएफ फेज-तीन में 188, डीएलएफ फेज-एक में 169, सुशांत लोक-दो में 122, डीएलएफ फेज-चार में 61, डीएलएफ फेज-पांच में 53 और सुशांत लोक-तीन में 37 मकानों में स्टिल्ट नियमों का उल्लंघन पाया गया।

वहीं, सुशांत लोक-एक में 24, पालम विहार में 12 तथा अन्य कई कालोनियों में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कई मकानों में स्टिल्ट पार्किंग को कमरों में तब्दील कर दिया गया है। कुछ जगहों पर शोरूम, पीजी और गेस्ट हाउस संचालित किए जा रहे हैं। कई भवनों में रिसेप्शन एरिया तक बना दिए गए हैं, जिससे वाहनों की पार्किंग सड़क पर होने लगी है और कालोनियों में ट्रैफिक व पार्किंग संकट बढ़ा है।

गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरुग्राम में स्टिल्ट के साथ चार मंजिला निर्माण पर फिलहाल रोक लगा रखी है। विभिन्न याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना चार मंजिला नीति लागू कर दी गई, जिससे बिजली, पानी, सीवर और पार्किंग व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया।

अदालत ने सरकार से स्टिल्ट पार्किंग में हुए अवैध निर्माणों और सड़कों पर अतिक्रमण हटाने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

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