
नया गुरुग्राम। गुरुग्राम में हाईराइज सोसायटियों में फायर सुरक्षा के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। कई सोसायटियों में फायर सुरक्षा के इंतजाम बेहतर नहीं हैं। ऐसे में आग लगने पर भारी तबाही मच सकती है।
सेक्टर-84 स्थित अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी के एक फ्लैट में लगी आग ने उन सभी सोसायटियों की चिंता बढ़ा दी है, जिनमें फायर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।
लोगों की चिंता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घटना की सूचना मिलते ही कई सोसायटियों के निवासियों ने अपने यहां फायर सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की। पड़ताल कर यह पता किया कि इंतजाम हैं या नहीं, फायर कर्मी सक्रिय हैं या नहीं।
फायर सुरक्षा उपकरण बदहाल अवस्था में पाए गए
सेक्टर-102 स्थित गुडगांव ग्रीन्स सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष संदीप फोगाट ने बताया कि अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी में आग लगने की घटना की सूचना मिलने के बाद उन्होंने अपनी सोसायटी में पड़ताल की। कंट्रोल रूम बंद मिला। स्टोर रूम में रखे कई फायर सुरक्षा उपकरण बदहाल अवस्था में पाए गए।
उनका कहना है कि आग बुझाने के लिए बनी पानी की लाइन के पंप कई जगह से गल चुके हैं। यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे होगी। उन्होंने आरडब्ल्यूए पर खराब रखरखाव का आरोप लगाया।

दूसरी ओर सेक्टर-102 स्थित ईमार इम्पीरियल गार्डन्स में फायर सुरक्षा को लेकर सक्रियता दिखाई दी। निवासी सुनील सरीन ने बताया कि बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए बीती तीन मई को सोसायटी में फायर सुरक्षा ड्रिल आयोजित की गई थी।
ड्रिल के दौरान फायर अलार्म, फायर एग्जिट और इमारतों को सुरक्षित तरीके से खाली कराने का अभ्यास कराया गया। सोसायटी में फायर सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं।
समय-समय पर फायर ड्रिल
इसी बीच सेक्टर-108 स्थित रहेजा वेदांता सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष आलोक पांडेय ने बताया कि सोसायटी में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित होता है और हर समय फायर अधिकारी तैनात रहता है। समय-समय पर फायर ड्रिल, उपकरणों की जांच और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाएं भी नियमित रूप से की जाती है।
जानकारों की मानें तो जिन सोसायटियों का रखरखाव अभी भी बिल्डरों के हाथ में है, वहां अक्सर फायर सुरक्षा को लेकर लापरवाही देखने को मिलती है।

