
बांसगांव, (गोरखपुर)। पति-पत्नी के बीच हुए विवाद में बढ़ा रूप ले लिया। आरोप है कि महिला की सूचना भाई की किन्नर पत्नी ने अपने साथियों को बुला लिया, जिसके बाद किन्नर समाज ने थाना से लेकर तहसील तक हंगामा किया। मामला बढ़ता देख एसडीएम न्यायालय ने शांतिभंग की धारा में कार्रवाई करते हुए महिला प्रधान और उसके पुत्र समेत तीन को जेल भेज दिया।
यह घटना बांसगांव थाना क्षेत्र के कानापार गांव की है। गगहा थाना क्षेत्र के सुमही निवासी रविकेश की बहन अर्चना की शादी कानापार निवासी पन्नेलाल के साथ हुई है। गुरुवार रात पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर अर्चना ने अपने भाई रविकेश को फोन कर सूचना दी।
सूचना मिलने पर रविकेश अपनी किन्नर पत्नी बिजली और छह से साथ किन्नरों के साथ कानापार गांव पहुंच गया। वहां पहुंचते ही उन्होंने पन्नेलाल पर हमला कर दिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर गांव की प्रधान मुन्नी देवी अपने दिव्यांग पुत्र रजनेश के साथ मौके पर पहुंचीं और बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना में दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें रविकेश के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
सूचना पर पहुंची बांसगांव पुलिस ने सभी को थाने ले जाकर पूछताछ की और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई शुरू की। रविकेश पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान मुन्नी देवी, उनके पुत्र रजनेश, पन्नेलाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस तीनों आरोपितो को शांति भंग की धारा में एसडीएम न्यायालय में पेश करने पहुंची। इसी दौरान बड़ी संख्या में किन्नर न्यायालय परिसर में पहुंच गए और आरोपितो को जेल भेजने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
स्थिति बिगड़ता देख न्यायालय कक्ष से लेकर एसडीएम आवास तक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर प्रभारी निरीखक संतोष कुमार अवस्थी भारी पुलिस बल के साथ तहसील पहुंचे और भीड़ को शांत कराया। इसके बाद एसडीएम ने तीनों आरोपितो को शांति भंग की धारा में एक दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया।

