हरियाणा सरकार की परियोजना से क्यों मुंह मोड़ रहे छारा के ग्रामीण, बोले- नहीं चाहिए सीवर

बहादुरगढ़। महाग्राम योजना के तहत छारा में प्रस्तावित सीवर परियोजना को लेकर यहां के लोगों का विरोध जारी है। अब लोगों ने जिला उपायुक्त से मिलकर इस योजना को रद करने की मांग की है।

जिला उपायुक्त को सौंपे मांग पत्र में ग्रामीणों ने बताया है कि जुलाई 2024 में सीवर परियोजना लाई गई थी। इसका ग्रामवासियों द्वारा विरोध किया और इसी विषय पर विचार विमर्श करने के लिए ग्राम सभा बुलाई गई। इसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव में इस परियोजना की कोई आवश्यकता नहीं है।

ग्राम सभा की बैठक के बाद तत्कालीन उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि ग्रामवासियों की इच्छा के विरुद्ध सीवर परियोजना नहीं होगी। उसके बाद गांव में सीवर का कार्य पुनः चालू कर दिया गया। ग्रामवासियों ने पुनः विरोध किया और फिर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद पुनः कार्य रोक दिया गया, लेकिन इस महीने में कार्य दोबारा से शुरू किया गया।

ये है वजह

ग्रामवासियों ने फिर विरोध किया और मौके पर आए एसडीओ व एक्सईएन ने भी आश्वासन दिया कि ग्रामवासियों की इच्छा के विरुद्ध कोई कार्य नहीं होगा। इस परियोजना के अंतर्गत इंदिरा कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाई गई। जिसका परिणाम ये हुआ कि बारिश के मौसम में पानी की निकासी न होने के कारण वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए।

80 प्रतिशत घरों में दरारें आ गई। सीवर परियोजना के विरोध में 16 मई को सरपंच की अगुवाई में ग्रामीण एकत्रित हुए थे। सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि गांव को इस परियोजना की आवश्यकता नहीं है।

इसी संदर्भ में एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें सीवर परियोजना को बंद करके गांव के चारों तरफ जो गंदा पानी जमा रहता है, उसको डंप करके एसटीपी में भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि वो पानी सिंचाई के काम आ सके। इधर, डीसी ने गांव में निरीक्षण के बाद इस बारे में उचित कार्यवाही का भराेसा दिलाया।

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