
बादशाहपुर (गुरुग्राम)। रैपिड मेट्रो को निर्बाध बिजली मिलती रहे, इसके लिए जल्द ही एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। दो अलग-अलग इलाकों संचालित 220 केवी सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति करने की याेजना बनाई जाएगी। इससे लाभ यह होगा कि एक सब-स्टेशन के फेल होने से दूसरे सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
वर्तमान में सेक्टर-28 एवं सेक्टर-56 स्थित 66केवी सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जा रही है लेकिन दोनों सब-स्टेशन को सेक्टर-72 स्थित 220 केवी सब-स्टेशन से ही बिजली मिलती है। इस कारण शुक्रवार रात रैपिड मेट्रो सेवा लगभग 40 मिनट तक ठप रही। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इस वजह से अलग-अलग इलाकों में संचालित 220 केवी सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति के बारे में ध्यान नहीं दिया गया।
40 मिनट तक बाधित रही थी सेवा
बता दें कि शुक्रवार रात लगभग आठ बजे हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के सेक्टर-72 स्थित 220 केवी सब-स्टेशन के करंट ट्रांसफार्मर (सीटी) में तेल रिसाव के कारण आग लगने से संबंधित इलाकों में रात लगभग 11 बजे तक ब्लैकआउट जैसी स्थिति रही। रैपिड मेट्रो सेवा भी 40 मिनट तक बाधित रही। सेक्टर-72 से बिजली बंद होते ही सेक्टर-52 में संचालित 220 केवी सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति शुरू की गई लेकिन इसमें लगभग 40 मिनट लग गए।

इतनी देर में परेशान यात्री ट्रैक से पैदल चलते हुए नजदीक स्टेशन पर पहुंचे। पूरा कारिडोर 40 मिनट तक अंधेरे में डूबा रहा। हालांकि सब-स्टेशन में इतना बड़ा फाल्ट आने के बाद भी रात 11 बजे तक अधिकतर इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई थी। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के कार्यकारी अभियंता अनिल मलिक ने बताया कि तकनीकी टीमों ने तुरंत वैकल्पिक स्रोतों से बैक सप्लाई शुरू की। रात साढ़े आठ बजे रैपिड मेट्रो की सेवा बहाल कर दी गई थी।

