
मोहाली। फेज-11 स्थित एक इमीग्रेशन कंपनी के संचालक 27 वर्षीय गुरसेवक सिंह पर रविवार शाम चाकू से हमला कर दिया गया। गुरसेवक को मोहाली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। इलाज के दौरान सोमवार को उसकीकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है।
गुरसेवक सिंह मूल रूप से हरियाणा के टोहाना का निवासी था और वर्तमान में मोहाली के फेज-11 में रह रहा था। परिवार के अनुसार, रविवार शाम महाशिवरात्रि का पर्व मनाकर वह अपने पिता के साथ मंदिर से घर लौट रहे था। हमलावरों ने अचानक गुरसेवक सिंह पर चाकू से हमला कर दिया।
लोगों की भीड़ जमा होने लगी तो हमलावर अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से फरार हो गए। घायल गुरसेवक सिंह को तुरंत मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि अस्पताल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इलाज के कारण डॉक्टर व्यस्त थे और गुरसेवक सिंह को उचित व समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस आरोप के साथ परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मोहाली के एसएसपी हरमंदीप सिंह हंस खुद मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए सौंप दिया गया है।
पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक बोर्ड गठित किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की बाइक को कब्जे में ले लिया और अब उनकी तलाश जारी है।

