गुरुग्राम डबल मर्डर केस: सिक्योरिटी अफसर ने क्यों उजाड़ा अपना हंसता-खेलता परिवार? हर किसी जुबां पर एक ही सवाल

 गुरुग्राम। गुरुग्राम के अशोक विहार में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में शोक और हैरानी का माहौल है।

पड़ोसी और परिचित अब भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि मिलनसार और सामाजिक व्यक्तित्व वाले सिक्योरिटी आफिसर अनिल तंवर इतना भयावह कदम उठा सकता है। हर किसी की जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि उसने अपनी पत्नी और इकलौते बेटे की जान ले ली।

पत्नी और बेटे को मारी थी 9 गोलियां

रविवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पत्नी आशा रानी और बेटे प्रशांत को बेहद करीब से 9 गोलियां मारी गई थीं। आशा रानी के शरीर से चार गोलियों के निशान मिले हैं। उन्हें छाती, पेट व अन्य हिस्से में गोली मारी गई थी।

वहीं, बेटे प्रशांत के शरीर पर पांच गोलियों के निशान पाए गए। सबसे दर्दनाक तथ्य यह रहा कि उसके सिर में ही तीन गोलियां लगी थीं। चिकित्सकों के अनुसार, गोलियों की संख्या और निशान वारदात की गंभीरता को बयां कर रहे हैं।

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि अनिल का व्यवहार सामान्य और सौम्य था। वह लोगों के सुख-दुख में शामिल रहता था और सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय दिखाई देता था। ऐसे में इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

परिवार में हो चुके थे मामूली विवाद 

पड़ोसियों के अनुसार, परिवार में छोटे-मोटे घरेलू झगड़े सामने आ चुके थे, लेकिन कभी किसी बड़े विवाद की जानकारी सामने नहीं आई। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।

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