चुन्नू-मुन्नू अफसर नहीं हूं मैं’, शराब ठेके पर DTP का वीडियो वायरल होने से गुरुग्राम में मचा बवाल

गुरुग्राम। रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर योजनाकार (डीटीपी) आरएस बाठ एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शराब ठेके के एक सेल्समैन के साथ उनकी तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान डीटीपी ने न केवल कर्मचारी को फटकार लगाई, बल्कि कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग किया। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

गूंज रहे विवादित कमेंट

बताया जा रहा है कि रेलवे रोड स्थित शराब ठेके के बाहर बने एक ढांचे को लेकर डीटीपी की टीम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान दस्तावेजों की जांच को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि जांच के दौरान दस्तावेज फेंक दिए गए और कर्मचारी को धमकाते हुए कहा गया, “तेरे मालिक को बुलाऊंगा, तब पता लगेगा।” वीडियो में “दारू का ठेका खोल रखा है तो सिर पर चढ़ेगा, मैं कोई चुन्नू-मुन्नू अफसर नहीं हूं” जैसी टिप्पणी भी सुनाई दी।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नोडल अधिकारी

यह पहला मौका नहीं है जब आरएस बाठ का नाम विवादों में आया हो। इससे पहले भी कई दुकानदार और कारोबारी उनके व्यवहार को लेकर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की शिकायतों पर कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। वर्तमान में उन्हें शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

शराब ठेके के सेल्समैन को धमकाने का आरोप

मामले में डीटीपी आरएस बाठ ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रेलवे रोड पर जिस स्थान को लेकर विवाद सामने आया है, वहां शराब ठेके के बाहर पहले एक अस्थायी खोखा था, जिसे बाद में पक्के निर्माण का रूप दे दिया गया था। कार्रवाई के दौरान संबंधित पक्ष को बुलाकर दस्तावेज और नियमों के संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन काफी देर तक बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।

अधिकारी ने विवाद का क्या बताया कारण?

बाठ के अनुसार, स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि शाम के समय ठेके के बाहर बैठकर शराब पी जाती है, जिससे व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि शहर में कानून व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित लोगों को सख्ती के साथ समझाया गया था।डीटीपी ने कहा कि उनकी मंशा किसी व्यक्ति या व्यवसाय के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। बाद में ठेके के मालिक से भी बातचीत हुई, जिन्होंने सभी नियमों का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुधार करने का भरोसा दिया।

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