
गुरुग्राम। प्रदेश के सभी न्यायिक अदालत परिसरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का आडिट कराया जाएगा। गुरुग्राम जिला अदालत परिसर में हाल ही में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज विभाग ने प्रदेशभर में अलर्ट जारी करते हुए सभी जिलों में अदालत परिसरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने सहायक मंडल अग्निशमन अधिकारियों और फायर स्टेशन प्रभारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से भेजे गए पत्र के बाद अग्निशमन विभाग ने आडिट की तैयारी शुरू कर दी है। अब अग्निशमन महानिदेशक कार्यालय ने सभी जिलों से रिपोर्ट तलब कर निगरानी बढ़ा दी है।
उपकरणों और सुरक्षा प्रणालियों की होगी जांच
आडिट के दौरान अदालत परिसरों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों, फायर अलार्म सिस्टम, हाइड्रेंट नेटवर्क, आपातकालीन निकास मार्गों तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और कार्यक्षमता की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं। अधिकारियों का दावा है कि जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा।
रिकॉर्ड रूम में आग से जला था वर्षों पुराना रिकॉर्ड
24 मई को गुरुग्राम जिला अदालत परिसर स्थित एक कोर्ट के रिकॉर्ड रूम में आग लग गई थी। इस घटना में वर्षों पुराना रिकॉर्ड जलकर नष्ट हो गया था। आग की वजह से भवन के एक हिस्से को भी नुकसान पहुंचा था।
कुछ दिनों बाद फिर हुई दूसरी घटना
पहली घटना के कुछ ही दिनों बाद 29 मई को अदालत परिसर स्थित एनआइसी के स्टोर में भी आग लग गई थी। लगातार दो घटनाओं के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन सतर्क हो गए हैं।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि अदालत परिसरों में बड़ी मात्रा में महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक रिकार्ड मौजूद रहते हैं, इसलिए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है। इसी को देखते हुए अब प्रदेश स्तर पर विशेष आडिट अभियान चलाया जा रहा है।

