
गुरुग्राम। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अगले पांच वर्षों के लिए नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु ने शुक्रवार को सेक्टर-31 स्थित जिला प्रशिक्षण केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की।
आबादी को देखते हुए लिया गया फैसला
बैठक में साइबर सिटी के लिए पांच वर्षीय हेल्थ एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं का दीर्घकालिक खाका तैयार करना जरूरी है।
समीक्षा के दौरान क्षय रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (एनक्यूएएस), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), गैर संचारी रोग और एचआईवी कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की गई।
एटीपी की बिक्री रोकने को होगी छापेमारी
उन्होंने आरबीएसके टीमों की प्रतिदिन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने तथा गर्भसमापन (एमटीपी) दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए नियमित छापेमारी करने को कहा।
वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए नगर निगम गुरुग्राम और नगर परिषद मानेसर के स्वास्थ्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फागिंग की नियमित समीक्षा करने तथा सभी फागिंग मशीनों को कार्यशील रखने के निर्देश भी दिए।
टीबी मरीजों की 100 फीसदी जियो टैगिंग करें
डॉ. सिंधु ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों की छतों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। श्रम विभाग से जिले के निर्माण स्थलों की सूची लेकर वहां टीबी स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक टीबी मरीज की 100 प्रतिशत जियो टैगिंग हो और सभी मरीजों की एचआइवी जांच की स्थिति भी दर्ज की जाए। टीबी मरीजों को सहयोग देने के लिए निक्षय मित्र अभियान को भी गति देने के निर्देश दिए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर, पीएमओ डॉ. नीना, डॉ. जयप्रकाश, डॉ. प्रदीप, डॉ. योगेंद्र, डॉ. रंजना, डॉ. अनुज गर्ग समेत सभी एसएमओ प्रभारी एवं कार्यक्रम प्रबंधक मौजूद रहे।

