
गुरुग्राम। शादी के 90 दिन बाद साजिश के तहत पत्नी की गोली मारकर हत्या। लाश बाथरूम में छिपाई और प्रेमिका के साथ नेपाल भाग गया। लेकिन वहां जेब खाली हो गई तो बाबा बनकर ऋषिकेश की धर्मशाला में प्रेमिका के साथ छिपकर रहने लगा। ये किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, ये कारनामा मानेसर निवासी पत्नी के हत्यारे पति अंकित का है।
पुलिस को चकमा देने के लिए उसने सिर पर जटाएं लगवाईं, तिलक लगाया और दिनभर भजन-कीर्तन के बीच वक्त गुजार रहा था। इसी दौरान मानेसर क्राइम ब्रांच को उसके ऋषिकेश में होने की भनक लगी और पुलिस ने वहां 10 दिनों तक डेरा डालकर उसे धर दबोचा। फिलहाल आरोपित पति और उसकी प्रेमिका रजनी पांच दिन के रिमांड पर हैं। रिमांड के दौरान पूछताछ में इस गहरी साजिश की परतें एक-एक कर खुल रही हैं।
पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए चोरी कर घर से भागने का आरोप लगाया
मानेसर क्राइम ब्रांच के अनुसार पूछताछ में पता चला कि अंकित का झज्जर के गांव औरंगाबाद निवासी रजनी देवी से तीन साल से अफेयर चल रहा था। रजनी मानेसर में रहकर पार्लर चलाती थी, इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। रजनी की एक बेटी भी है। अंकित अपने से 13 साल बड़ी प्रेमिका के साथ सेटल होना चाहता था।
लेकिन घरवालों के दबाव व दहेज के लालच में इसी साल फरवरी में उसने रेवाड़ी के हसांका गांव निवासी मधु से शादी कर ली। मधु के माता-पिता नहीं थे। वह अपनी बुआ के घर रहती थी। अंकित ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। 21 मई को वह अपने साथ मधु को मानेसर बस स्टैंड के पास रजनी के किराये के कमरे पर ले गया। यहां गोली मारकर हत्या कर दी।
किसी को शक न हो, इसलिए उसने यह अफवाह फैलाई कि मधु घर से गहने चोरी कर फरार हो गई है। ससुरालवालों ने यही जानकारी मधु की बुआ को दी थी। मायके वालों को शक होने पर उन्होंने गुरुग्राम पुलिस को शिकायत दी थी। 22 मई को पुलिस ने कमरे से महिला का शव बरामद किया था।
नेपाल से बाबा बनकर लौटा आरोपित, पुलिस ने भी जमाया डेरा
पूछताछ में पता चला कि जब मायके वाले पुलिस के पास पहुंचे तो आरोपित पति और उसकी प्रेमिका मधु के शव को बाथरूम में बंदकर फरार हो गए। हत्या के बाद दोनों हरिद्वार होते हुए नेपाल पहुंचे। करीब 15 दिन वहां रहे। 18 जून के आसपास पैसे खत्म होने पर भारत लौटे और सीधे ऋषिकेश पहुंच गए।
अंकित ने पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदला और बालों में जटाएं लगवाईं। वह शांति घाट स्थित एक धर्मशाला में प्रेमिका के साथ रह रहा था। इधर पुलिस उसकी खोजबीन कर रही थी। सूत्रों के अनुसार मानेसर क्राइम ब्रांच ने कुछ फोन सर्विलांस पर रख रखे थे। इसी दौरान पुलिस ने इन्हें ट्रेस किया। क्राइम ब्रांच ने सादे कपड़ों में 10 दिनों तक रेकी की। कई धर्मशालाएं खंगाली और फिर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

