Durva Grass Benefits: माइग्रेन, कब्ज और हाई ब्लड प्रेशर में बेहद असरदार है दूर्वा घास, आयुर्वेदाचार्य ने बताए चौंकाने वाले फायदे

दूर्वा घास यानी वो हरी, मखमली घास जो अक्सर बगीचों में दिखती है और पूजा में जरूरी मानी जाती है — दरअसल, एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि भी है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रमोद आनंद तिवारी के अनुसार, यह घास केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बड़ी बीमारियों का इलाज इसके ज़रिए संभव है।

(Publish by : Tanya Pandey
Updated: April 11, 2025 10:47 am
Rajasthan, India)

दूर्वा घास से माइग्रेन और बीपी को मिलती है राहत
डॉ. तिवारी बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति सुबह या शाम को नंगे पांव दूब पर टहलता है, तो माइग्रेन का दर्द धीरे-धीरे कम हो सकता है। साथ ही, यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी कारगर है। इस घास पर चलने से आंखों की रोशनी तेज़ होती है और मानसिक तनाव भी कम होता है।

पाचन तंत्र से लेकर दिल तक, दूब है रामबाण
आयुर्वेद में दूब को “गुणों की खान” कहा गया है। इसका रस एनीमिया में फायदेमंद होता है क्योंकि यह हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाता है। इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, पोटैशियम, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर होते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं।

कब और कैसे करें दूब का सेवन
ताज़ी दूब को पीसकर उसका रस निकालें और खाली पेट सेवन करें। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है, मासिक धर्म में होने वाला दर्द कम होता है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं।
अगर मसूड़ों से खून आता है, मुंह में छाले हैं या दांतों में दर्द है, तो दूब के रस में थोड़ा शहद या घी मिलाकर लेने से राहत मिलती है।

तो अगली बार जब आप पार्क जाएं, तो उस मखमली दूब को सिर्फ देखने के लिए नहीं, सेहत के लिए भी अपनाएं।

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