S&P की चेतावनी: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ती तनातनी से आर्थिक जोखिमों में इज़ाफा संभव

भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव को लेकर वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने गंभीर चिंता जताई है। एजेंसी का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच शत्रुता और सैन्य संघर्ष बढ़ता है, तो यह न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा, बल्कि दोनों देशों की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग और आर्थिक स्थिरता पर भी असर डालेगा।

(Publish by : Tanya Pandey
Updated: May 08, 2025 12:48 pm
Rajasthan, India)

सैन्य तनाव से बढ़ सकता है क्रेडिट जोखिम

गुरुवार को जारी बयान में एसएंडपी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनातनी से सॉवरेन क्रेडिट मेट्रिक्स पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि वर्तमान में एजेंसी को क्रेडिट रेटिंग पर कोई तत्काल असर नहीं दिखता, लेकिन अगर स्थिति बिगड़ती है तो इसका असर लंबे समय तक रह सकता है। दोनों देशों की वर्तमान रेटिंग क्रमशः ‘BBB-‘ (भारत, सकारात्मक दृष्टिकोण) और ‘CCC+’ (पाकिस्तान, स्थिर दृष्टिकोण) है।

एसएंडपी की सैन्य कार्रवाई पर राय

एसएंडपी ने आशंका जताई है कि आने वाले दो से तीन सप्ताह तक तनाव बना रह सकता है और इस दौरान दोनों पक्षों से महत्वपूर्ण सैन्य कदम उठाए जा सकते हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि यह सैन्य संघर्ष तीव्र लेकिन अस्थायी रहेगा और लंबी अवधि की खुली जंग में नहीं बदलेगा।

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत बड़ा हमला किया। भारत ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के नौ ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है।

विकास दर और निवेश पर पड़ेगा असर

एसएंडपी ने भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी टिप्पणी की। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6.5% से घटाकर 6.3% कर दिया है। यह कटौती अमेरिकी व्यापार नीति की अनिश्चितता और भारत-पाक तनाव के संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए की गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि यदि तनाव लम्बा खिंचता है, तो यह विदेशी निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर सकता है, खासकर ऐसे समय में जब भारत वैश्विक उत्पादन हब के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी लगेगा झटका

पाकिस्तान के लिए भी स्थिति आसान नहीं रहने वाली है। एसएंडपी के अनुसार, यदि सैन्य संघर्ष लम्बा चलता है तो यह पाकिस्तान के राजकोषीय और बाह्य खाता मेट्रिक्स को नुकसान पहुंचाएगा। इससे उसके लिए मैक्रो-इकनॉमिक स्थिरता लाना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

भविष्य की स्थिति पर संभावनाएं

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान तनाव के चलते कुछ और सैन्य घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में एसएंडपी को उम्मीद है कि स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी और इसका दीर्घकालिक असर सॉवरेन रेटिंग पर नहीं पड़ेगा

इससे पहले मूडीज रेटिंग्स ने भी कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव जैसे भू-राजनीतिक कारक भारत की 6.3 प्रतिशत की अनुमानित विकास दर पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

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