जल्द खुलने जा रहा Dwarka Expressway का दिल्ली भाग, हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत; क्या है खासियत?

गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) के दिल्ली भाग का भी शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रधानमंत्री कार्यालय से समय मांगा है। समय मिलते ही शुभारंभ समारोह की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।

दिल्ली से गुरुग्राम का सफर होगा आसान

समारोह दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर करने का प्रयास होगा ताकि दोनों इलाके के लोग आसानी से पहुंच सकें। बीती वर्ष प्रोजेक्ट के गुरुग्राम भाग का शुभारंभ भी प्रधानमंत्री ने ही किया था। दिल्ली भाग के चालू होने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर 25 से 30 प्रतिशत ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे।

खेड़कीदौला टोल से शिवमूर्ति तक एक्सप्रेसवे का काम पूरा

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) पर संचालित खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक से लेकर दिल्ली के महिपालपुर में शिवमूर्ति के सामने तक द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। इसका गुरुग्राम भाग पिछले वर्ष ही चालू किया जा चुका है। दिल्ली भाग में टनल का निर्माण बाकी रह गया था। अब न केवल टनल का निर्माण पूरा हो चुका है बल्कि सुरक्षात्मक जांच भी पूरी की जा चुकी है।

मानेसर के नजदीक कम होगा ट्रैफिक का दबाव

अब एनएचएआई का प्रयास है कि जितनी जल्द हो इसे चालू किया जाए ताकि दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर से ट्रैफिक का दबाव कुछ कम हो सके। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर दिल्ली में धौलाकुआं से लेकर गुरुग्राम के मानेसर तक खासकर सिरहौल बॉर्डर तक ट्रैफिक का भारी दबाव है।

अभी गुरुग्राम भाग चालू होने से मानेसर कम हुआ ट्रैफिक

गुरुग्राम भाग चालू होने से मानेसर के नजदीक कुछ हद तक दबाव कम हुआ है। इससे उम्मीद है दिल्ली भाग के चालू होने के बाद 25 से 30 प्रतिशत तक दबाव कम हो जाएगा। दिल्ली भाग के चालू होने के बाद मानेसर की तरफ से एयरपोर्ट जाने वाले द्वारका एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करेंगे।यही नहीं गुरुग्राम इलाके से एयरपोर्ट जाने वाले व एयरपोर्ट से गुरुग्राम की तरफ आने वाले वाहन टनल का इस्तेमाल करेंगे। इससे धौलाकुआं से लेकर सिरहौल बॉर्डर तक काफी हद तक दोनों तरफ ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।इस संबंध में पर्यावरण कार्यकर्ता व हरियाणा के सेवानिवृत मुख्य नगर योजनाकार के प्रो. केके यादव ने कहा,

मेरा अनुमान है कि द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली भाग भी चालू होने पर 30 प्रतिशत तक दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर से ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। यह बहुत बड़ी राहत होगी। दबाव कम होने से प्रदूषण का स्तर कम होगा। बहुत ही बेहतर प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे दुनिया के सामने देश के विकास की बेहतर तस्वीर होगी।

टनल जल्द से जल्द चालू करने की मांग

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम प्रतिदिन झेलने वाले लोगों का कहना है कि जिस तरह गुरुग्राम भाग पहले चालू किया गया था और बाद में प्रधानमंत्री ने विधिवत शुभारंभ किया था, उसी तरह दिल्ली भाग में बनाई गई टनल को भी चालू कर दिया जाए। शादियों का मौसम शुरू हो चुका है।सिरहौल बार्डर से लेकर महिपालपुर के बीच दोनों तरफ काफी बैंक्वेट हॉल एवं होटल हैं। उनमें शादियां होती रहती हैं। इससे शाम पांच बजे से लेकर रात 10 बजे तक दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का काफी दबाव बढ़ जाता है।टनल चालू होने से एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले हजारों वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। साउथ सिटी रह रहे इंजीनियर राजन कुमार एवं जय सिंह कहते हैं कि विधिवत शुभारंभ कभी भी हो सकता है। टनल को चालू कर देना चाहिए।

प्रोजेक्ट एक नजर में

  • प्रोजेक्ट के निर्माण पर लगभग नौ हजार करोड़ रुपये की लागत आई है।
  • प्रोजेक्टर को दो भागों में बांटकर अलग-अलग कंपनियों को दी गई निर्माण की जिम्मेदारी।
  • गुरुग्राम भाग की जिम्मेदारी निर्माण कंपनी एलएंडटी को दी गई थी।
  • दिल्ली भाग के निर्माण की जिम्मेदारी जयकुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड के पास है।
  • दिल्ली भाग में एक सुरंग का निर्माण द्वारका से लेकर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के नजदीक तक किया गया है।
  • दूसरी सुरंग का निर्माण महिपालपुर में शिवमूर्ति के नजदीक से पालम एयरपोर्ट तक किया गया है।
  • दोनों सुरंग की लंबाई क्रमश: लगभग चार किलोमीटर एवं ढाई किलोमीटर है।
  • दोनों सुरंगों में हाई प्रेशर वाटर मिस्ट फायर सिस्टम विकसित किया गया है।
  • दिल्ली भाग के चालू होने के बाद मानेसर से पालम एयरपोर्ट पहुंचने में अधिक से अधिक 30 मिनट लगेंगे।
  • एक्सप्रेसवे का 18.9 किलोमीटर हिस्सा गुरुग्राम में, बाकी 10.1 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में है।
  • 23 किलोमीटर भाग एलिवेटेड और लगभग चार किलोमीटर भूमिगत (टनल) बनाया गया है।
  • देश पहला एक्सप्रेसवे है जिसका एलिवेटेड हिस्सा सिंगल पिलर के ऊपर बनाया गया है।
  • इसमें लगभग दो लाख एमटी स्टील लगा है, जो एफिल टावर की तुलना में 30 गुना अधिक है।
  • लगभग 20 लाख सीयूएम कंक्रीट लगा है जो बुर्ज खलीफा की तुलना में छह गुना अधिक है।

15 मिनट का सफर तय करने में लग जाते हैं 2 घंटे

फिलहाल स्थिति यह है कि सिरहौल बार्डर से लेकर महिपालपुर तक गुरुग्राम की तरफ से जाना एवं दिल्ली की तरफ से धौलाकुआं से लेकर महिपालपुर तक आना काफी परेशानी भरा है।10 से 15 मिनट का सफर तय करने में कई बार डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं। इस बारे में एनएचएआई का कहना है कि उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से जल्द ही समय मिलेगा। ऐसे में जल्द ही दिल्ली भाग चालू हो जाएगा। लोगों की परेशानी से एनएचएआई अवगत है।

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