सोनिया गांधी का दावा- महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन असली मुद्दा:पूछा- चुनाव प्रचार के बीच विशेष सत्र की क्या जरूरत; 16 अप्रैल से बहस

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने सोमवार को महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने द हिन्दू (अखबार) में लिखा कि पीएम विपक्षी दलों से उन बिलों का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं, जिन्हें सरकार संसद के विशेष सत्र में जबरदस्ती पास कराना चाहती है।

उन्होंने लिखा कि यह सब तब हो रहा है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। इस जल्दबाजी का सिर्फ एक ही मकसद राजनीतिक फायदा उठाना है। सरकार ने 2023 में ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को संसद में पास कर लिया था, लेकिन इसे अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू करने की शर्त रखी गई।

वहीं संसद के विशेष सत्र के लिए कांग्रेस, भाजपा और जेडीयू ने व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक अपने सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने को कहा है।

विपक्ष ने 2024 में महिला आरक्षण लागू करने की मांग की थी

महिला आरक्षण पर सोनिया ने लिखा- राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि इसे 2024 के चुनाव से ही लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने इसे नहीं माना। अब अनुच्छेद 334-A में बदलाव कर महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने की तैयारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री को यू-टर्न लेने में 30 महीने क्यों लगे?

उन्होंने सवाल किया कि 5 राज्यों के चुनाव खत्म होने तक इंतजार क्यों नहीं किया गया। इतनी हड़बड़ी की क्या जरूरत है, जबकि विपक्ष तीन बार चिट्ठी लिखकर कह चुका है कि पहले 29 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।

पिछले 2 दो दिनों में महिला आरक्षण पर क्या-क्या हुआ

कांग्रेस अध्यक्ष का पीएम को पत्र

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को पत्र लिखकर कहा कि राज्य चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना यह दिखाता है कि सरकार इस कानून को राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में लागू करना चाहती है। खड़गे ने यह भी मांग की कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और परिसीम से जुड़े मुद्दों पर भई विस्तार से चर्चा की जाए।

3 पार्टियों ने व्हिप जारी किया

विशेष सत्र के लिए कांग्रेस, भाजपा और जेडीयू ने व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक अपने सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने को कहा है। BJP ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी किया था, जबकि कांग्रेस और जेडीयू ने सोमवार को व्हिप जारी किया।

पीएम ने सभी दलों से समर्थन मांगा

इससे पहल रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर समर्थन मांगा। पीएम ने लिखा कि अब समय आ गया है कि इस कानून को पूरे देश में सही मायनों में लागू किया जाए।

परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग बिल लाएगी सरकार

राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी अनुपात में सीटों का आरक्षण होगा। सरकार एक संशोधन बिल के एक संविधान साथ-साथ परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग साधारण बिल भी लाएगी। ताकि नए सिरे से सीटों का निर्धारण हो सके।

नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जाएगा।

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