
अंबेडकरनगर। चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात, कहावत परिवहन निगम की मुख्यमंत्री जनता बस सेवा पर सटीक बैठ रही है। सुखद सफल एवं सस्ता किराया के लिए जिला मुख्यालय से ग्रामीणांचल तक बेहतर परिवहन सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस सेवा के लिए यात्री नहीं मिल रहे हैं। यात्रियों की कमी से अब सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। हालांकि, मौजूदा समय में तीन रूटों पर सेवाएं बंद हैं। दो रूट पर बस सेवा बंद करने के लिए तैयारी है।
यह निर्णय घाटे के चलते लिया गया है। इनमें चांदा और कप्तानगंज, बंदीपुर, शामिल हैं। वहीं, राजेसुल्तानपुर और कम्हरिया घाट रूटों पर जनता सेवा बसें अभी भी संचालित हो रही हैं। हालांकि, इस रूट पर 15 प्रतिशत यात्री भार है जबकि निगम को 25 प्रतिशत होना चाहिए। जिले के कुल 21 मार्गों पर जनता सेवा बसें चलाई जानी थीं।
अकबरपुर से अतरौलिया, कप्तानगंज, कादीपुर चांदा, बेलघाट, राजेसुल्तानपुर, कटका, बंदीपुर, दुलहुपुर और कम्हरिया जैसे रूट शामिल थे। दिसंबर में एमएलसी ने पांच बसों के संचालन की शुरुआत की थी, लेकिन लगातार कम लोड फैक्टर के कारण इन बसों को बंद करने का प्रस्ताव निगम को भेजा गया।
यह थी मंशा
डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने तथा यात्रियों को 20 प्रतिशत तक सस्ता किराया व ग्रामीणांचल को जिला मुख्यालय तक परिवहन सेवा से जोड़ने के लिए बसों का संचालन शुरू हुआ था। अधिकतम 100 किलोमीटर दूरी तय थी। ये बसें गांव में ही रुकेंगी, इसकी व्यवस्था है।
परिवहन सेवा से अछूते 400 गांव
भीटी तहसील, हंसवर बाजार, मालीपुर, जलालपुर, अकबरपुर इल्तिफातगंज, भीटी-महरुआ, जलालपुर रूट पर रोडवेज बस सेवा से 400 गांव अछूते हैं। दो लाख से अधिक आबादी सुविधा का अभाव झेल रही।
जिला अस्पताल, तहसील, ब्लॉक, न्यायालय, बिजली कार्यालय एवं अन्य कार्य के लिए मुख्यालय आने के लिए निजी संसाधन अथवा ई-रिक्शा, जीप टेंपो डग्गामार वाहन से जान जोखिम के साथ अधिक किराया चुकाना पड़ता है।

