कच्चा तेल चार साल में सबसे महंगा:जंग के बीच कीमत $126 प्रति बैरल पहुंची; ईरान का तंज- अगला पड़ाव 140 डॉलर

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच कच्चे तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल के पार कर गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 126.31 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। फिलहाल यह 125 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास ट्रेंड कर रहा है।

द गार्जियन के मुताबिक इसकी वजह ट्रम्प का वह बयान है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका, ईरान के बंदरगाहों पर अपनी सैन्य नाकेबंदी जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करता, तब तक यह नाकेबंदी नहीं हटेगी।

इस फैसले का सीधा असर होर्मुज पर जारी तनाव पर पड़ा है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक है। इस वजह से तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

वहीं, तेल की कीमतें बढ़ने को लेकर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तंज कसते हुए कहा कि अगला पड़ाव 140 डॉलर होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को उनके लोग बेकार सलाह दे रहे हैं।

उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का भी मजाक उड़ाया और कहा कि उनकी सलाह की वजह से तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है।

अमेरिका ने ईरान युद्ध पर 25 अरब डॉलर खर्च किए

अमेरिका ईरान युद्ध पर पिछले 2 महीने में अब तक 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारी जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट ने बुधवार को इसकी जानकारी संसद की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई में दी। हर्स्ट के मुताबिक कुल खर्च का बड़ा हिस्सा हथियारों, मिसाइलों और गोला-बारूद पर हुआ है।

तेहरान की सड़कों पर सरकार के समर्थन में सैकड़ों लोग उतरे। एक महिला अली और मुजतबा खामेनेई की तस्वीर दिखा रही है।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. जंग में अमेरिका के $25 अरब खर्च: अमेरिका ईरान युद्ध पर पिछले 2 महीने में अब तक 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। अमेरिका ने पहली बार जंग में हुए खर्च की जानकारी दी है।

2. ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो शेयर की: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी। फोटो पर लिखा था- नो मोर मिस्टर नाइस गाइ (मैं नरमी नहीं बरतूंगा)।

3. ईरान ने UN में अमेरिका की शिकायत की: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत कर अमेरिका पर जहाज जब्त करने और 38 लाख बैरल तेल कब्जाने का आरोप लगाया।

4. लेबनान में 12 लाख लोगों पर भुखमरी का खतरा: UN से जुड़ी रिपोर्ट में कहा गया कि युद्ध, विस्थापन और आर्थिक दबाव के कारण लेबनान में 12 लाख से ज्यादा लोग खाद्य संकट झेल सकते हैं।

5. भारत-ईरान विदेश मंत्रियों की फोन पर बातचीत: विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्धविराम, द्विपक्षीय रिश्तों और क्षेत्रीय हालात पर फोन पर चर्चा की।

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