
कानपुर। किदवई नगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में शनिवार देर रात पौने दो घंटे के अंतराल में 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों की हत्या के मामले में कमरे में लगे सीसी कैमरे के फुटेज मिले हैं, जहां आरोपित ने बेटियों की हत्या की थी। हालांकि कैमरे में सिर्फ एक धुंधला फुटेज मिला है, जिसमें वह एक बेटी का गला दबाते दिख रहा था। इसके बाद उसने कैमरों को दूसरी ओर घुमाकर वारदात की।
पुलिस इस दोहरे हत्याकांड में आरोपित के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा डिजिटल साक्ष्य जुटा जल्द चार्जशीट लगाने की तैयारी कर रही है। वहीं, हत्यारोपित ने पुलिस को यह भी बताया था कि उसने हत्या करने से पहले बेटियों को नींद की गोलियां भी खिलाई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार भी विसरा सुरक्षित रखा गया था, जिसे आगरा फोरेंसिक लैब भेजा जाना है।
मूलरूप से बिहार के गया निवासी दवा सप्लायर शशिरंजन मिश्रा पर आरोप है कि उसने शनिवार देर रात पौने दो घंटे के अंतराल में दोनों जुड़वा बच्चियों की गला दबाने के बाद गले पर चापड़ रखकर हथौड़े से वार कर हत्या कर दी थी। उसी ने पुलिस को भी काल कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने हत्यारोपित को गिरफ्तार कर पूछताछ की, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
जांच में सामने आया कि शशिरंजन के फ्लैट में मुख्य द्वार से लेकर कमरे, किचन समेत स्थानों पर आठ सीसी कैमरे लगे हैं, जिसमें दो कैमरे उस कमरे में लगे हैं। जिस कमरे में दोनों बच्चियों की हत्या की गई थी। पुलिस की जांच में वह कैमरे दूसरी तरफ घूमे दिखे। उस कैमरों का पुलिस ने एक्ससे पूछा, पर उसने नहीं बताया। हालांकि बाद में डीसीपी दक्षिण दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि कमरे में लगे एक कैमरे का फुटेज धुंधला मिला है, जिसमें एक बेटी का गला दबाते आरोपित दिख रहा है, पर अचानक वह रुक गया और उठकर कैमरे का मुंह दूसरी तरफ घुमा दिया था, जिससे आगे का फुटेज नहीं दिखा।
वहीं, मूलरूप से बंगाल के सिलीगुडी के कोलिंगो निवासी शशिरंजन की पत्नी रेशमा छेत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में उनका प्रेम विवाह हुआ था, जिनसे 11 वर्षीय दो जुड़वा बेटी रिद्धि व सिद्धि और छह वर्षीय बेटा रुद्रव उर्फ गुन्नू थे। वह आठ साल से त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में परिवार संग रह रही थीं। रेशमा ने पति पर चंडीगढ़ की एक महिला से संबंध होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जबसे महिला से संपर्क हुआ तबसे पति घर पर झगड़ा और मारपीट कर रहे थे। वह रात-रात भर फोन पर बात करते थे।
उधेड़बुन में बदलता रहा करवटें, फिर इरादा पक्का कर की वारदात
शशि जिन जुड़वा बच्चियों पर जान छिड़कता था। उनका कत्ल करने से पहले वह बहुत बेचैन दिखा। उसके दिल और दिमाग में लंबा द्वंद्व चल रहा था, लेकिन आखिर में उसने इरादा पक्का कर बच्चियों की बेरहमी से जान ले ली। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि जुड़वां बच्चियों रिद्धि और सिद्धि के हत्यारोपित पिता शशिरंजन की गतिविधियों को जानने के लिए घटना वाली रात के कैमरों के कई घंटे के वीडियो देखे, जिसमें उस रात शशि बहुत बेचैन दिखा। जिस कमरे में टीवी लगा था। उसमें उस रात दोनों बेटियां, उसकी मां व छोटा भाई टीवी देख रहे थे।
बेटे व पत्नी को भेज दिया था कमरे में
रात 10:30 बजे शशि घर आया और बेटियों को कमरे में सोने को कहा। वहीं, पत्नी व बेटे को उनके कमरे में सोने को भेज दिया। इसके बाद वह उसी कमरे के बेड पर कान में लीड लगाकर रात 12:48 बजे तक लेटा रहा, फिर वह बेटियों के सोने वाले कमरे में गया। रात 2:14 बजे कमरे से निकला। इसके बाद फिर 2:17 बजे अंदर चला गया। इसी बीच पत्नी रेशमा 2:23 बजे तीन मिनट के लिए कमरे व वाशरूम की ओर देखकर वापस अपने कमरे में जाते दिखी।
पुलिस को दी सूचना
शशिरंजन 4:14 बजे फिर कमरे से बाहर निकला। इसके बाद वह किचन में पहुंचा और वहां से दो-तीन चक्कर कमरे में लगाए। फिर कमरे में जाकर कपड़े, जूते पहनकर सुबह तड़के 4:20 बजे बाहर निकला और किसी को फोन मिलाते दिखा। इसके बाद 4:38 बजे पुलिस पहुंची और पांच बजे नौबस्ता थाना प्रभारी पहुंच गए, जिसके बाद उच्चाधिकारियों को दोहरे हत्याकांड का पता चला। रेशमा ने बताया कि शशिरंजन की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं। रात में आहट आने पर वह भी उठ गई थी, लेकिन उसे पता नहीं था कि पति के इरादे इतने खतरनाक थे।
पुलिस बोली पासवर्ड नहीं, पत्नी बोली अंदर के कैमरों में लगी है चिप
घटना के बाद से पुलिस घर पर लगे आठ कैमरों के फुटेज देखने के लिए जद्दोजहद करने की बात कह रही थी, लेकिन रेशमा के अनुसार, घर के बाहरी हिस्से के चार कैमरों के फुटेज देख सकते हैं। अंदर के चार कैमरों के फुटेज सिर्फ पति शशिरंजन ही देख सकता है। उन कैमरों में चिप भी लगी है।

