
बिरनी ( गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले में निर्माण कार्य में अनियमितता का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। आरोप है कि विवाह भवन निर्माण के लिए ग्रामीणों से हस्तात्रर करवाया गया। इसके बदले कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई जा रही है। वह भी उस स्थान पर जहां कब्रिस्तान नहीं हैं। वह जगह कब्रिस्तान के लिए अनुपयोगी है।
तेतरिया सलयडीह पंचायत अंतर्गत फतेहपुर गांव में कल्याण विभाग की ओर से कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई जा रही है। इसे अनुपयोगी बताया जा रहा है। दर्जनों ग्रामीणों ने उपायुक्त, बीडीओ, विधायक नागेंद्र महतो, प्रमुख रामू बैठा को संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन देकर संबंधित लोगों पर कार्रवाई करने और राशि के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा है कि कल्याण विभाग से 22 लाख की लागत से कब्रिस्तान के लिए चारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। कब्रिस्तान घेराबंदी के नाम पर जहां चारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है, वह अनुपयोगी है। जहां घेराबंदी की जा रही है वहां कब्रिस्तान नहीं है। साथ ही कब्रिस्तान के रास्ते को बंद कर दिया गया है।
ऐसे में गांव में किसी की मौत होगी तो जनाजा को कब्रिस्तान जाने के लिए भविष्य में कोई रास्ता नहीं रहेगा।उक्त जमीन पर चारदीवारी का कोई औचित्य ही नहीं है। अभिकर्ता ने ग्राम सभा भी नहीं की है। घर-घर जाकर विवाह भवन बनाने की बात कहकर अंगूठा का निशान लगवा लिया गया है। विवाह भवन नहीं बनाकर चारदीवारी दी जा रही है।
ग्रामीणों के विरोध करने पर कहता है कि जहां शिकायत करना है करो हम देख लेंगे। कुछ नही बिगाड़ पाओगे। आवेदन में जमरुद्दीन अंसारी,कमरुद्दी अंसारी,सहबन अंसारी, मोकिम अंसारी लतीफ अंसारी, आफताब अंसारी, आजाद अंसारी आदि के हस्ताक्षर शामिल हैं।

