
गुरुग्राम। डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बंधवाड़ी स्थित लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण कार्य की समीक्षा करते हुए डीसी ने इसकी प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग तीन हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन की प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ाकर दोगुना किया जाए, ताकि वर्षों से जमा पुराने कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
बैठक के दौरान डीसी ने अधिकारियों को बंधवाड़ी में जमा लिगेसी वेस्ट का दोबारा सर्वे कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित असेसमेंट के माध्यम से कचरे की वास्तविक मात्रा और वर्तमान स्थिति का सटीक आकलन किया जाए, जिससे आगे की कार्ययोजना को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
ताजा कचरे के निस्तारण के लिए अलग स्थान हो
डीसी ने अधिकारियों को फ्रेश वेस्ट यानी ताजा कचरे के निस्तारण के लिए अलग स्थान चिह्नित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि पुराने और नए कचरे के प्रबंधन को अलग-अलग तरीके से संचालित किया जा सके।
बीडब्ल्यूजी कचरे का हो प्रबंधन
बैठक में बीडब्ल्यूजी यानी बल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा उत्पन्न कचरे के प्रबंधन पर भी चर्चा की गई। डीसी ने निर्देश दिए कि बीडब्ल्यूजी अपने कचरे का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार स्वयं सुनिश्चित करें, जिससे नगर निगम की कचरा प्रबंधन व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके।
बैठक में गुरुग्राम नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डा. प्रीतपाल सिंह, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गुरुग्राम (उत्तर) की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर, एमसीजी के तहसीलदार हरकेश गुप्ता, निगम के एक्सईएन संदीप सिहाग, जीएमडीए के एक्सईएन विभोर दुहन तथा जीएमडीए के एसडीई शमशेर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

