गुरुग्राम की इम्पीरिया एस्फेरा सोसायटी में गिरी बालकनी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

 नया गुरुग्राम। शहर के सेक्टर-37सी स्थित बहुमंजिला ग्रुप हाउसिंग सोसायटी इम्पीरिया एस्फेरा फेज-दो में बृहस्पतिवार सुबह एक फ्लैट की पूरी बालकनी का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय फ्लैट में कोई मौजूद नहीं था और नीचे से भी कोई व्यक्ति नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

करीब डेढ़ वर्ष पहले पजेशन मिलने वाली इस सोसायटी में हुई घटना ने निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार एनफ़ोर्समेंट (डीटीपीई) अमित मधोलिया ने अपनी टीम के साथ मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और बिल्डर को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टावर-ई में सुबह तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। लोग बाहर निकले तो देखा कि एक फ्लैट की पूरी बालकनी का बड़ा हिस्सा नीचे गिर चुका था। घटना के बाद पूरे परिसर में दहशत फैल गई और निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए।

निवासियों का कहना है कि लंबे समय से सोसायटी में निर्माण संबंधी खामियों, प्लास्टर झड़ने और रखरखाव की समस्याओं को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन इन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। पिछले महीने भी खराब रखरखाव और फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर रेजिडेंट्स ने विरोध प्रदर्शन किया था।

पुलिस में शिकायत, स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग

हादसे के बाद रेजिडेंट्स ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराकर बिल्डर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से पूरे प्रोजेक्ट का किसी स्वतंत्र एजेंसी से स्ट्रक्चरल आडिट कराने की मांग भी उठाई है।

निरीक्षण के दौरान डीटीपी ने दिए ये निर्देश

डीटीपीई अमित मधोलिया ने निरीक्षण के दौरान स्ट्रक्चरल आडिट करवाने समेत टावर-ई की सभी बालकनियों, चाहे उनमें कोई रह रहा हो या नहीं, की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने, सभी दरारों और प्लास्टर संबंधी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। गिरी हुई बालकनी का पुनर्निर्माण सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कराया जाए। इसकी प्रक्रिया अगले 15 दिनों के भीतर शुरू करनी होगी।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने जताई चिंता

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हेमंत ने बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है। जिस फ्लैट की बालकनी गिरी, उसमें उस समय कोई मौजूद नहीं था, लेकिन नीचे गिरा मलबा किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता था।

उन्होंने दावा किया कि बालकनी गिरने से संबंधित हिस्से के पिलर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे टावर की संरचनात्मक मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

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