
गुरुग्राम। गुरुग्राम में जलभराव के दौरान मार्केटिंग के लिए सड़क पर नाव उतारने वाली कंपनी का स्टंट “झूठ” की नाव बनकर रह गया।
कार्स 24 की ब्रांड हेड द्वारा 50 हजार रुपये के चालान का दावा करने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई और पूरे मामले को फर्जी करार दिया। फजीहत होने के बाद कंपनी को प्रशासन और जनता से बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।
बता दें कि ब्रांड, क्रिएटिव और कम्युनिकेशन हेड ने एक दिन पहले लिंक्डइन पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि गुरुग्राम की सड़कों पर पिछले सप्ताह जलभराव में नाव चलाने पर 50,000 रुपये की कीमत चुकानी पड़ी।
उन्होंने अपने पोस्ट में पहले लिखा कि पुलिस ने उनकी टीम का चालान किया, हालांकि इसकी कोई रसीद उन्होंने साझा नहीं की। इंटरनेट मीडिया पर खबरे प्रसारित होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने उनके दावे को पूरी तरह से नकार दिया और फर्जी बताया। पुलिस प्रशासन ने अपने मीडिया ग्रुपों पर इस दावे का खंडन भी किया।
आखिर में कंपनी ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने पर कंपनी ने मंगलवार रात सार्वजनिक बयान जारी किया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि 50,000 रुपये मार्केटिंग एक्टिविटी का खर्च था, चालान नहीं। कंपनी ने माना कि कैंपेन गैर-जिम्मेदाराना था।
इससे गलतफहमी फैली और पुलिस-प्रशासन की छवि खराब हुई। बयान में गुरुग्राम प्रशासन, गुरुग्राम पुलिस और आम जनता से बिना शर्त माफी मांगी गई। कंपनी ने कहा कि वह इस गलती की पूरी जिम्मेदारी लेती है।

