
गुरुग्राम। शहर की मुख्य सड़कों और सेक्टरों में बढ़ते अतिक्रमण पर अब गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) लगातार नजर रखेगा। सेक्टर-58 से सेक्टर-80 तक जीएमडीए की राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) को अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए प्राधिकरण ने पेट्रोलिंग टीमों और वाहनों की तैनाती का टेंडर जारी किया है।
करीब 48.78 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाले इस कार्य के तहत पेट्रोलिंग टीमें नियमित रूप से सड़कों और आरओडब्ल्यू का निरीक्षण करेंगी। शहर की कई प्रमुख सड़कों, सर्विस रोड और सेक्टर डिवाइडिंग रोड के किनारे रेहड़ी-पटरी, फास्ट फूड की अस्थायी दुकानें, फल-सब्जी विक्रेता और नारियल पानी बेचने वालों ने जगह घेर रखी है।कई स्थानों पर इनके कारण सड़क किनारे पार्किंग की जगह कम हो रही है और पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कई जगह दुकानों के सामने सामान रखने, रैंप बनाने और अन्य तरीकों से भी सरकारी जमीन व आरओडब्ल्यू पर कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं। दोबारा कब्जा रोकना भी टीम की जिम्मेदारी
जीएमडीए के टेंडर में केवल अतिक्रमण हटाने में सहयोग करना ही नहीं, बल्कि खाली कराई गई जमीन पर दोबारा कब्जा होने से रोकने के लिए निगरानी की व्यवस्था भी शामिल है।
पेट्रोलिंग टीम अतिक्रमण की पहचान कर संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देगी। इससे कार्रवाई के बाद कुछ दिनों में दोबारा रेहड़ी-पटरी या अन्य कब्जे किए जाने की समस्या पर भी अंकुश लगाने की कोशिश होगी। कार्य की अनुमानित लागत 48.78 लाख रुपये रखी गई है, इसी महीने टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामलों में हाल के दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। इसके बाद जीएमडीए ने शहर

