
गुरुग्राम। सड़क पर एक पल की गलती और पूरा परिवार बिखर जाता है। गुरुग्राम के आंकड़े इस दर्द की गवाही देते हैं। हर साल यहां सड़क हादसों में करीब साढ़े चार सौ लोग अपनी जान गंवा देते हैं।
इनमें से आधी से ज्यादा मौतें अकेले दिल्ली-जयपुर हाईवे पर होती हैं। वजह ज्यादातर मामलों में एक ही निकलती है भारी वाहनों की लापरवाही और अपनी तय लेन में न चलना। अब लेन चेंज उलंघन को रोकने के लिए पुलिसकर्मी नई योजना के तहत मोर्चा संभालेंगे।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 60 हजार से ज्यादा चालान
2026 में 20 जून तक यातायात पुलिस ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 60 हजार से ज्यादा चालान लेन चेंज उल्लंघन में किए हैं। ट्रैफिक कैमरों और पुलिस की जांच में हजारों की संख्या में वाहन चालकों ने लेन चेंज का नियम तोड़ा। यानी हर रोज औसतन 330 बार नियमों की धज्जियां उड़ीं।
रात के अंधेरे में या दिन में अचानक लेन बदलते ट्रकों और बगल से कट मारती बसों के कारण पीछे से आ रहे बाइक या कार सवार को संभलने का मौका ही नहीं मिलता। इस कारण हाईवे पर आए दिन हादसे होते हैं। अब यातायात पुलिस ने दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हाईवे पर लेन चेंज उलंघन न करने को लेकर जागरूकता की नई योजना बनाई।
अब हाईवे पर बाइक राइडर संभालेंगे मोर्चा
पुलिस ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर हर पांच से 10 किलोमीटर के बीच एक बाइक पर दो-दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। ये बाइक राइडर सुबह से शाम तक हाईवे पर लगातार गश्त करेंगे। इनके पास वायरलेस सेट और हैंड माइक है। जैसे ही कोई भारी वाहन अपनी लेन छोड़कर दूसरी लेन में घुसता दिखा, राइडर तुरंत माइक से चेतावनी देंगे।
पुलिस ने साफ किया है कि पहली बार में सिर्फ समझाया जाएगा। लेकिन अगर कोई ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ता मिला तो उसके खिलाफ वीडियो सबूत के साथ एफआइआर दर्ज की जाएगी। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना भी लगाया जाएगा।
- 12 बाइक लगाई गई हैं जिले में बॉर्डर से बॉर्डर तक
- 04 गाड़ियां भी तैनात की गई हैं
- 125 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं नई योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम के लिए

