
गुरुग्राम। बिग बास्केट और डी-मार्ट के नाम पर विज्ञापन प्रसारित कर ठगी करने वाले एक काल सेंटर का पर्दाफाश किया गया है। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने ठगी के एक मामले में जांच के दौरान दिल्ली के न्यू अशोक नगर ए-ब्लाक में छापेमारी की। जहां एक ऑफिस से पांच आरोपितों को पकड़ा गया। ये सभी आरोपित बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
कैसे करते थे ठगी?
एसीपी साइबर क्राइम गौरव फोगाट ने बताया कि 21 फरवरी को मानेसर साइबर थाने में मानेसर गांव निवासी एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि फेसबुक पर उसने विज्ञापन देकर कुछ सामान आनलाइन आर्डर किया था। आरोपितों ने फर्जी पेमेंट लिंक भेजकर इसके फोन को हैक करके 56,650 रुपये की ठगी की थी।
मामले में जांच के दौरान अब यह काल सेंटर पकड़ में आया। छापेमारी के दौरान आफिस में पांच लोग काम करते हुए पाए गए। इनकी पहचान नालंदा के राजकुमार, मुरादाबाद के प्रशांत, शेखपुर जिले के करण, सोनू और बिजनौर के अखिर अहमद के रूप में की गई। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि इस काल सेंटर को किसी अन्य के कहने पर राजकुमार करीब छह महीने से दिल्ली के पते पर संचालित कर रहा था।
ये सभी आरोपित फेसबुक पर बिग बास्केट और डी-मार्ट के नाम से फर्जी विज्ञापन प्रसारित करते थे। विज्ञापन के माध्यम से लोगों को आकर्षित कर उनसे संपर्क स्थापित किया जाता था। सत्यापन व ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर एपीके फाइल या फर्जी लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन व बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त कर साइबर धोखाधड़ी की जाती थी।
इन सभी को सैलरी और कमीशन मिलता था। आरोपितों के कब्जे से 18 मोबाइल फोन व 01 टैब बरामद किया गया। आरोपितों से पूछताछ व बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की जा रही है। इन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। इस दौरान इनसे अन्य साथियों के बारे में जानकारी ली जाएगी।

