
नया गुरुग्राम। मानसून के दौरान शहर की सड़कों पर जलभराव की समस्या को कम करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सेक्टर-58 से 67 तक जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पंप, कलेक्शन सम्प, नई पाइपलाइन और ड्रेनेज नेटवर्क की बेहतर कनेक्टिविटी तैयार की गई है। इसके साथ ही सेक्टर-58 से 80 तक के सड़क एवं ड्रेनेज नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि भारी वर्षा के दौरान यातायात प्रभावित न हो।
सेक्टर-67 स्थित बेस्टेक सोसायटी के पास बने पंप हाउस पर अतिरिक्त पंप और डीजी सेट लगाए जाएंगे, जिससे तेज वर्षा के दौरान पानी निकालने की क्षमता बढ़ेगी। वहीं, सेक्टर-66 में एआइपीएल माल के सामने चार नए कलेक्शन सम्प बनाकर उन्हें 600 मिमी आरसीसी पाइपलाइन से आपस में जोड़ा गया है।
गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर सेंट ज़ेवियर्स स्कूल के पास सेक्टर-49, 50, 65 और 66 के जंक्शन को भी जलभराव मुक्त बनाने के लिए विशेष कार्य किए गए हैं। सेक्टर-49 में दो कलेक्शन सम्प बनाए गए हैं। सेक्टर-49 और 50 की सतही नालियों की सफाई कर उन्हें इन सम्प से जोड़ा गया है जिन्हें आगे सेक्टर-66 के मास्टर ड्रेन से 900 मिमी पाइपलाइन के जरिए कनेक्ट किया गया है।
इसके अलावा सेक्टर-65 की करीब 50 वर्गमीटर ग्रीन बेल्ट को बाउल प्रोफाइल में विकसित किया गया है, ताकि वर्षा जल सीधे कलेक्शन सम्प तक पहुंच सके। इसी प्रकार सेक्टर-66 स्थित एम्मार सोसायटी ट्रैफिक सिग्नल के समीप भी नया कलेक्शन सम्प बनाकर उसे 600 मिमी आरसीसी पाइपलाइन के जरिए मास्टर ड्रेन से जोड़ा गया है।
सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) स्थित ट्यूलिप चौक पर सेक्टर-71/72 में भी कलेक्शन सम्प तैयार कर उसे सेक्टर-70 के मास्टर ड्रेन (लेग-चार) से जोड़ा गया है। वहीं सेक्टर-69 और 70 की क्षतिग्रस्त सतही नालियों के पुनर्निर्माण का कार्य भी किया जाएगा।
एसपीआर पुलिस चौकी के पास सेक्टर-74, 75 और 75ए के टी-जंक्शन पर भी सेक्टर-74 में नया कलेक्शन सम्प बनाकर उसे 600 मिमी आरसीसी पाइपलाइन के माध्यम से मास्टर ड्रेन (लेग-चार) से जोड़ा गया है।
जीएमडीए चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रहा है। इन उपायों से मानसून के दौरान जलभराव की घटनाओं में कमी आएगी, पानी की निकासी तेज होगी और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
– पीसी मीणा, सीईओ, जीएमडीए

