
दरभंगा। दरभंगा के किरतपुर स्थित कोसी नदी में बुधवार की अहले सुबह छोटी नाव पलटने से अपरा-तफरी मच गई। इसमें चार लोग डूब गए, जबकि पांच लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। इसमें अधिकतर महिलाएं व बच्चे शामिल हैं।
बताया जाता है कि नाव में कुल नौ लोग ही सवार थे। सभी नाव पर सवार होकर अपनी खेत में मूंग की फसल तोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान कोसी नदी के तरबारा स्पर के निकट नाव पलट गई।
चार लोगों की खोज जारी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुबौल व तरबारा गांव निवासी महिला-पुरुष एक छोटी नाव पर सवार होकर कोसी नदी को पार कर रहे थे। तरबारा स्पर के निकट अचानक नदी की तेज धारा में नाव अचानक असंतुलित हो गई। जब तक सवार सुरक्षित होते उससे पहले ही नाव पलट गई।
इसमें सवार पांच लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि चार लोगों की खोज जारी है सूचना पर पहुंची पुलिस की मदद से रेस्क्यू अभियान में जुटी है। फिलहाल डूबे लोगों का नाम और पता का सत्यापन नहीं हो पाया है।
डूबने वाले में जमालपुर थाना क्षेत्र के तरवाड़ा निवासी शिवशंकर यादव की पत्नी कंचन देवी, कुबूल मुसहरी निवासी राजाराम सदा की पत्नी अमीरा देवी और देबू सदा की 11 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी शामिल हैं।
पश्चिम चंपारण में डूब गए थे 5 लोग
बता दें कि 6 जून को पश्चिम चंपारण के नौतन में भी ऐसी ही हादसा हुआ था। वहां भी एक छोटी नाव पलट गई थी। इस हादसे में पांच लोग डूबे थे, इनमें से एक युवक की मौत हो गई थी।
स्थानीय लोगों का आरोप था कि निगरानी नहीं होने से की वजह से यहां मानक पूरे नहीं करने वाली नावों का संचालन होता है। ऐसे में इस तरह के हादसे होते हैं।

बता दें कि हर जिले में प्रशासन की ओर से नाव के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है। उनका किराया और संचालन आदि तय होता है।
जानकारी के अनुसार, कुशेश्वरस्थान में बहुतायत नावों का निर्माण होता है। अन्य जिलों से भी लोग नाव बनवाने के लिए यहां आते हैं।
एसडीआरएफ से शुरू किया सर्च अभियान
वहीं हादसे की जानकारी मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। एक अधिकारी के अनुसार, यह घटना जमालपुर पुलिस स्टेशन इलाके के तरवारा घाट पर रिंग तटबंध के पास हुई। लगभग 10 किसान, जिनमें से ज़्यादातर महिलाएं थीं, नदी पार करने के लिए एक ही नाव में जा रहे थे, तभी तेज़ बहाव में नाव का संतुलन बिगड़ गया।

मौके पर मौजूद SDRF के जवान रवींद्र कुमार ने 7 लोगों को बचाकर नदी के किनारे पहुंचाया। हालांकि, तीन महिला किसान, जिनमें एक किशोरी भी शामिल थी, तेज़ बहाव में बह गईं और अभी भी लापता हैं। सूचना मिलने पर बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शशांक राज और SDPO प्रभाकर तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया तथा बचाव कार्यों की निगरानी की। अधिकारियों ने पुष्टि की कि लापता महिलाओं का पता लगाने के लिए SDRF की एक टीम तैनात की गई है।
बिरौल के SDO शशांक राज ने कहा, “घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद SDRF की एक टीम लापता लोगों की तलाश कर रही है। घटना के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और आगे ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी।”

