
नया गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर निर्माण कार्य के दौरान लग रहे ट्रैफिक जाम और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अपना पक्ष रखा है। प्राधिकरण के अनुसार बिलासपुर, कापड़ीवास और मानेसर में निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक संचालन और सुरक्षा के लिए भारतीय सड़क कांग्रेस (आइआरसी) के सभी निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है।
यह जवाब धारूहेड़ा निवासी प्रकाश यादव द्वारा भेजी गई शिकायत के बाद दिया गया है। शिकायत में निर्माण स्थलों पर लंबे जाम, खराब ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा में लापरवाही का मुद्दा उठाया गया था। एनएचएआई ने अपने जवाब में बताया कि गुरुग्राम-जयपुर मार्ग पर चल रहे सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। एनएचएआई के अधिकारी और अथारिटी इंजीनियर समय-समय पर साइट का निरीक्षण कर रहे हैं और जहां भी कोई कमी मिलती है, उसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए जाते हैं।
प्राधिकरण के अनुसार बिलासपुर में वाहनों की आवाजाही के लिए चार लेन का डायवर्जन बनाया गया है, जिसे अथारिटी इंजीनियर की मंजूरी भी मिल चुकी है। वहीं मानेसर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए ट्रैफिक को तीन लेन की नई सीमेंट-कंक्रीट डायवर्जन सड़क पर शिफ्ट कर दिया गया है।
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग, लेन मार्किंग, रिफ्लेक्टर, ब्लिंकर, चेतावनी बोर्ड और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। साथ ही बिलासपुर और मानेसर में ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए ट्रैफिक मार्शल भी तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है।
परियोजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए एनएचएआई ने बताया कि बिलासपुर फ्लाईओवर के अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है, जबकि मानेसर एलिवेटेड कारिडोर को 31 मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि इसकी अनुबंधित समय-सीमा 21 सितंबर 2027 है।
एनएचएआई की मानें तो निर्माण कार्य के दौरान बने डायवर्जन मार्गों की नियमित मरम्मत, गड्ढों की भराई और पैचवर्क के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने भरोसा दिलाया कि फिलहाल हो रही परेशानी अस्थायी है और परियोजनाएं पूरी होने के बाद एनएच-48 पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।

