दिल्ली से गुरुग्राम तक का सफर होगा आसान, बेहतर कनेक्टिविटी का खाका तैयार; केंद्रीय मंत्री ने बताया पूरा रोडमैप

गुरुग्राम। दैनिक जागरण के जागरण विमर्श के समापन सत्र ‘ट्रिपल इंजन और मिलेनियम सिटी’ में गुरुग्राम के विकास, यातायात, आधारभूत ढांचे और औद्योगिक निवेश से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

केंद्रीय भूतल परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह तथा विधायक मुकेश शर्मा ने शहर के सामने मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान का रोडमैप रखा।

दिल्ली-गुरुग्राम कनेक्टिविटी, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे, खेड़कीदौला टोल प्लाजा, फ्लाईओवर, मेट्रो विस्तार, विश्वस्तरीय सुविधाओं, औद्योगिक निवेश और एनसीआर में टोल व्यवस्था जैसे विषयों पर बेबाक सवाल-जवाब हुए।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार के समन्वय से गुरुग्राम को जाम से राहत दिलाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने और मिलेनियम सिटी को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

सवाल : दिल्ली से गुरुग्राम जाना कैसे सुगम होगा, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे की दशा कब सुधरेगी?

केंद्रीय भूतल परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा का जवाब: सात हजार करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार हो चुकी है। कैबिनेट से मंजूरी भी मिल चुकी है। महरौली-गुरुग्राम की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। डेढ़ घंटे का सफर 15 से 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। पिछले लगभग छह महीने पहले 268 करोड़ रुपये की लागत से गुरुग्राम में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था।

इसके तहत शहर में प्रवेश करने के बाद हीरो होंडा चौक सहित चार प्रमुख स्थानों पर फ्लाईओवर बनाने की योजना शामिल है। अब इन परियोजनाओं की डीपीआर सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और एजेंसी का चयन भी अंतिम रूप से कर लिया गया है। जल्द ही निर्माण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही गुरुग्राम और हरियाणा की जनता की सुविधा के लिए कुल नौ फुटओवर ब्रिज भी प्रस्तावित हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से तैयार किया जाएगा।

फ्लाईओवर जिन प्रमुख स्थानों पर प्रस्तावित हैं, उनमें राठीवास, हीरो कंपनी क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। ये सभी स्थान यातायात के दृष्टिकोण से ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किए गए हैं, जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों में न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी।

सवाल : गुरुग्राम में हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक के सुधारीकरण का प्रोजेक्ट एनएचएआई का है, जीएमडीए इसके लिए बजट क्यों दे?

केंद्रीय भूतल परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा का जवाब: केंद्र की परियोजनाओं में राज्य सरकार का भी हिस्सा होता है।

सवाल : कब तक यह प्रोजेक्ट पूरा होगा, कई वर्षों से अटका है?

राव नरबीर सिंह का जवाब : यूटिलिटी शिफ्टिंग यानी बिजली, पेयजल सहित अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शिफ्टिंग के कारण इसमें देरी हुई है और अब तेजी से काम होगा।

सवाल : खेड़कीदौला टोल प्लाजा की वजह से गुरुग्राम और मानेसर दो हिस्सों में बंटा है?

हर्ष मल्होत्रा का जवाब : 2014 में मोदी सरकार जब सत्ता में आई तब 90 हजार किलोमीटर का हाईवे था, अब यह 1.48 लाख किलोमीटर का है। लगभग 60 हजार किलोमीटर नए हाईवे बनाए गए हैं। हाईवे के रखरखाव के लिए टोल जरूरी है। सरकार ने तीन हजार रुपये वार्षिक पास की सुविधा दी है। सरकार ने कभी खेड़कीदौला टोल प्लाजा को बंद करने की बात नहीं कही थी। अब सभी टोल प्लाजा हाईटेक किए जा रहे हैं, बैरियर हटाए जाएंगे।

राव नरबीर सिंह का जवाब : औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए टोल हटना जरूरी है। पचगांव में जमीन भी दी गई थी। टोल हटाया नहीं जाएगा, बल्कि शिफ्ट किया जाएगा।

सवाल : गुरुग्राम में कोई भी सभागार या विश्वस्तरीय सुविधाएं नहीं हैं?

विधायक मुकेश शर्मा का जवाब : गुरुग्राम में मेट्रो के विस्तार का कार्य शुरू हो चुका है। 600 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक रेलवे स्टेशन तैयार किया जा रहा है। लेजर वैली पार्क में लेजर और साउंड शो की सुविधा दी गई है। सिंथेटिक ट्रैक बनाया जा रहा है। सदर बाजार में 40 साल बाद सड़क निर्माण किया गया है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है।

सवाल : क्या गुरुग्राम में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी?

राव नरबीर सिंह का जवाब : द्वारका एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनेगा। गुरुग्राम में लंदन और न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर सवा सौ एकड़ में बेहतरीन पार्क तैयार किया जाएगा।

सवाल : क्या एनसीआर को टोल फ्री नहीं कर सकते?

हर्ष मल्होत्रा का जवाब : अगर सड़क और हाईवे के रखरखाव को बेहतर रखना है तो टोल भी जरूरी है।

राव नरबीर सिंह का जवाब : विश्व के सभी विकसित देशों में भी टोल हैं।

सवाल : नई उद्योग नीति के तहत कितना निवेश होगा?
राव नरबीर सिंह का जवाब : हरियाणा में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश हो, हमारा यही प्रयास है।

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