
ग्रेटर नोएडा। नोएडा जिले में स्विमिंग पूल संचालकों की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने के बावजूद खेल विभाग की कार्रवाई महज दिखावा साबित हो रही है।
जिले में करीब एक हजार से अधिक स्विमिंग पूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें अधिकांश के पास न तो एनओसी है और न ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण। कागजों में मानकों की खानापूरी कर ये पूल नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।
चंद स्विमिंग पूलों का ही औचक निरीक्षण किया
खेल विभाग द्वारा कार्रवाई के नाम पर केवल चंद स्विमिंग पूलों का ही औचक निरीक्षण किया गया है। इन निरीक्षणों में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। ज्यादातर पूलों में लाइफ गार्ड की अनुपस्थिति, प्रशिक्षित स्टाफ की कमी, बचाव उपकरणों का अभाव और अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विभाग की इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि अब तक पूरे जिले में मात्र 50 स्विमिंग पूल संचालकों ने ही अपना पंजीकरण कराया है या नवीनीकरण किया है। बाकी सैकड़ों पूल बिना रजिस्ट्रेशन के ही संचालित हो रहे हैं।
पूलों में लाइफ गार्ड, सीपीआर ट्रेनिंग प्राप्त स्टाफ, उचित गहराई चिह्न, आपातकालीन उपकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बिना इनके पूल चलाना लोगों की जान से खिलवाड़ है। हालांकि, खेल विभाग का दावा है कि सभी पूलों की सूची तैयार कर शत-प्रतिशत निरीक्षण कराया जा रहा है। मानक पूरी कर एनओसी न लेने वाले पूलों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

