
बांका। ई-शिक्षा कोष की टीचर प्रोफाइल में पता बदलने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है। विभाग ने ऐसे शिक्षकों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। कहा गया है कि शिक्षक की बहाली के समय प्रोफाइल में जो स्थायी पता है, उसे किसी कीमत पर नहीं बदला जाना है।
पत्राचार पता में भी किसी प्रकार का बदलाव नहीं करना है। इससे शिक्षक की पहचान छुप सकती है। शिक्षा विभाग शिक्षकों की टीचर प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए महीने भर से कसरत कर रही है, लेकिन इसके काम को अपेक्षित गति नहीं मिल रही है।
अब विभाग इस काम को गति देने में जुटा है। इसके लिए अपनी प्रोफाइल में पुराने पते को अपडेट कर देने वाले शिक्षकों को डीसीएफ फॉर्म भर कर स्थापना में जमा करने को कहा गया है।
हालांकि, कार्यालय में पूर्व से ही सैकड़ों शिक्षकों का डीसीएफ फॉर्म जमा हो चुका है। इसे निपटाने का काम मंगलवार को शुरु कर दिया गया है। डीपीओ स्थापना संजय कुमार यादव ने बताया कि अधिकांश विशिष्ट शिक्षकों का डेटा जिला में अपडेट है।
बीपीएससी से बहाल शिक्षक के साथ प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों की प्रोफाइल अपडेट नहीं है। इन्हें दो सप्ताह पूर्व ही अपनी प्रोफाइल का पता अपडेट कर वहां बहाली के समय का अपना आवासीय प्रमाण पत्र अपलोड करने कहा गया था।
अब जिस शिक्षकों ने इसे अपलोड कर दिया है, वे अपना डीसीएफ फार्म स्थापना में जमा करेंगे, ताकि इसे डीपीओ लॉगिन से अपडेट किया जा सके।
विभागीय आदेश के मुताबिक, बहाली के समय का पता बदलने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी है। किसी शिक्षक को अपना पता किसी कीमत पर नहीं बदलना है।

