मायावती से कांग्रेस नेताओं का मिलना बसपा से समझौते की संभावना : ओमप्रकाश राजभर

आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को अतरौलिया स्थित डाक बंगला में प्रेस-प्रतिनिधियाें से बातचीत में कांग्रेस, सपा और विपक्ष की राजनीति पर जमकर हमला बोला।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं की मायावती से मुलाकात, राहुल गांधी के बयानों, ईवीएम विवाद, बिजली संकट और ‘वंदे मातरम’ जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस नेताओं और बसपा सुप्रीमो मायावती की मुलाकात पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि बिना समय लिए मायावती से मिलने पहुंचना केवल समाजवादी पार्टी पर दबाव बनाने और राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा था।

उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं से मिलने के लिए समय लिया जाता है, लेकिन कांग्रेस का उद्देश्य सपा को यह संदेश देना था कि बसपा के साथ भी समझौते की संभावना बनी हुई है। कैबिनेट मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी के दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कड़ी नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों की वह निंदा करते हैं। आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत की छवि खराब करते हैं। ईवीएम को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ईवीएम में गड़बड़ी है तो केरल में कांग्रेस की सरकार कैसे बनी। राजभर ने कहा कि चुनाव हारने के बाद ईवीएम पर सवाल उठाना राजनीतिक बहाना बन गया है।

इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड कर रहे ‘काकरोच जनता पार्टी’ शब्द और अखिलेश यादव के ट्वीट पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। राजभर ने कहा कि एक जज द्वारा युवाओं को ‘काकरोच’ कहे जाने के बाद युवाओं में नाराजगी बढ़ी और इंटरनेट मीडिया पर वही गुस्सा दिखाई दिया, जो समय के साथ शांत हो जाएगा।

मदरसों और स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य किए जाने के सवाल पर राजभर ने कहा कि भारत में रहने वाले हर नागरिक को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म कोई भी हो, देश में रहने वालों को ‘वंदे मातरम’ कहना चाहिए और इसे उत्तर प्रदेश में पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए।

बताया क‍ि प्रदेश में भीषण गर्मी में बिजली कटौती को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार गांवों में 18 घंटे और कस्बों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति देने का प्रयास कर रही है। गांवों में एसी और कूलर की बढ़ती संख्या से बिजली खपत बढ़ी है, जिससे दबाव की स्थिति बन रही है।

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