
नई दिल्ली। हथियार तस्कर सलीम अहमद उर्फ सलीम पिस्टल को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम जमानत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। जून को जमानत देने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए हाई कोर्ट ने सलीम अहमद को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पुलिस ने दलील दी कि सलीम पिस्टल महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दो मामलों में भी आरोपित है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित हथियार आपूर्तिकर्ता सलीम अहमद उर्फ ‘सलीम पिस्टल’ को दी गई अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने सलीम को छह जून को जमानत दी थी, जिसे दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए सलीम अहमद को नोटिस जारी किया और मामले को 24 जून के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने दी थी अंतरिम जमानत
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अगली सुनवाई तक छह जून का जमानत आदेश प्रभावी नहीं रहेगा। दिल्ली पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह ने दलील दी कि सलीम पिस्टल केवल एक मामले में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दो मामलों में भी आरोपी है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपित विभिन्न आपराधिक गिरोहों को हथियार और गोला-बारूद भेजा करता है। जमानत याचिका का विरोध करते हुए पुलिस ने यह भी बताया कि सलीम को पहले एक मकोका मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन वर्तमान केस के चलते वह अभी जेल से बाहर नहीं आ पाया है।
ट्रायल कोर्ट ने सलीम पिस्टल को 10 जून से एक जुलाई तक के लिए 40 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानती पर अंतरिम जमानत दी थी। इससे पहले 25 मई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने भी उसे मकोका के एक अन्य मामले में अंतरिम जमानत दी थी।

