
बागपत। शासन ने यूपी-हरियाणा सीमा विवाद हमेशा के लिए खत्म कराने को बाउंड्री पिलर लगवाने के लिए बजट मंजूर किया था। अब सोमवार को लोक निर्माण विभाग ने एक फर्म के नाम यह टेंडर छोड़ दिया है। अब लोक निर्माण विभाग से ठेकेदार को यमुना खादर में पिलर लगाने के लिए एक सप्ताह में वर्कआर्डर जारी कर दिए जाएंगे। सर्वे आफ इंडिया के अफसरों की निगरानी में पिलर लगेंगे।
52 साल से जारी यूपी-हरियाणा सीमा विवाद खत्म करने को दोनों राज्यों के अधिकारियों में यमुना खादर में सर्वे आफ इंडिया के सर्वे के अनुसार सम-विषम के आधार पर बाउंड्री पिलर लगवाने पर सहमति बनी थी। हरियाणा की ओर से बाउंड्री पिलर लगा दिए लेकिन बजट नहीं मिलने से बागपत प्रशासन पिलर नहीं लगवा पाया था।
मार्च में शासन ने दोनों राज्यों की सीमा पर बाउंड्री पिलर लगाने के लिए बागपत में 11.14 करोड़ का बजट आवंटित किया था। तकनीकी बिड खुलने के बाद अब सोमवार को लोकनिर्माण के बुलंदशहर के अधीक्षण अभियंता की निगरानी में फाइनल टेंडर खोला गया। कुल सात ठेकेदारों ने टेंडर फार्म जमा कराए थे लेकिन सबसे कम रेट होने के कारण यह टेंडर सहारनपुर की एक ठेकेदार को मिला।
लोक निर्माण के एक्सईएन अतुल कुमार ने टेंडर छूटने की पुष्टि कर कहा कि सप्ताहभर के अंदर वर्कआर्डर जारी हो जाएगा जिसके बाद यमुना खादर में पिलर लगाने का काम होगा। बताते चलें कि बागपत के 27 गांव तथा सोनीपत-पानीपत के 22 गांवों की 4,500 हेक्टेयर जमीन विवाद में फंसी है।
इसमें बागपत की 2,850 हेक्टेयर तथा सोनीपत-पानीपत की 1,750 हेक्टेयर जमीन पर विवाद है। दोनों राज्यों के किसानों में खूनी संघर्ष होता रहता है। अब बाउंड्री पिलर लगने के बाद यह सीमा विवाद हमेशा के लिए खत्म होने की उम्मीद है।

