गुरुग्राम। प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचान बनाने वाला गुरुग्राम धीरे-धीरे चंडीगढ़ की तरह पावर सेंटर के रूप में भी उभर रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 22 अप्रैल को प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग है।
कैबिनेट मीटिंग किसी भी प्रदेश की राजधानी में ही होती है। यदि राजधानी से बाहर होती भी है तो उस शहर में, जिसकी विशेष पहचान हो। जानकारों का मानना है कि इस मीटिंग से देश व दुनिया में गुरुग्राम के बारे में बेहतर संदेश जाएगा। इससे निवेश का माहौल और बेहतर होगा।
कैसे साइबर सिटी के रूप में उभरा गुरुग्राम?
वर्ष 1980 से पहले तक गुरुग्राम की किसी भी क्षेत्र में पहचान नहीं थी। 1982-83 के बीच मारुति सुजुकी इंडिया का प्लांट लगा। इसके बाद गुरुग्राम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। धीरे-धीरे ऑटोमोबाइल ही नहीं बल्कि आईटी, टेलीकॉम, गारमेंट एवं मेडिकल सेक्टर के हब के रूप में पहचान बन गई। सात हजार से अधिक आईटी एवं टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियां हैं।

इस वजह से गुरुग्राम शहर की पहचान पूरी दुनिया में साइबर सिटी के रूप में स्थापित हो चुकी है। पूरी दुनिया में 500 फार्च्यून कंपनियां हैं। इनमें से 400 से अधिक कंपनियों का कॉरपोरेट कार्यालय गुरुग्राम में है। काफी संख्या में फाइव स्टार होटल एवं क्लब हैं। गगनचुंबी इमारतों के शहर के रूप में देश में पहचान है।
हरियाणा भवन की अपेक्षा गुरुग्राम PWD रेस्ट हाउस पहुंचना आसान
एक पहचान से यह शहर अछूता है, वह पावर सेंटर यानी जहां से बैठकर सत्ता का संचालन किया जाता है। आर्थिक राजधानी के रूप में कई साल पहले स्थापित होने के बाद अब धीरे-धीरे पावर सेंटर के रूप में भी साइबर सिटी स्थापित होती जा रही है। 22 अप्रैल को आयोजित होने वाली कैबिनेट मीटिंग से पावर सेंटर के रूप में पहचान मजबूत होगी।
मीटिंग की वजह से पूरे प्रदेश का एजेंडा साइबर सिटी में तय होगा। जानकार बताते हैं कि एक बार मीटिंग होने के बाद आगे जब भी चंडीगढ़ से बाहर मीटिंग करने की आवश्यकता महसूस होगी, साइबर सिटी में होगी। अब तक चंडीगढ़ से बाहर केवल दिल्ली के हरियाणा भवन में ही कैबिनेट की मीटिंग आयोजित हुआ करती थी।
हरियाणा भवन से बेहतर सुविधाएं न केवल गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हैं बल्कि इसका लोकेशन बहुत बेहतर है। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से एक मिनट की दूरी पर है। ऐसे में प्रदेश के किसी भी इलाके से हरियाणा भवन की अपेक्षा गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पहुंचना आसान है।

