गुरुग्राम में नाले में डूबने से मौत के 9 महीने बाद एक्शन, 2 जेई पर चलेगा केस; एसडीओ भी होगा चार्जशीट

गुरुग्राम। गलेरिया रोड पर निर्माणाधीन बरसाती नाले में डूबने से युवक की मौत के मामले में आखिरकार नौ महीने बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई शुरू हो गई है।

इस हादसे में गुरुग्राम पुलिस को दो जूनियर इंजीनियर (जेई) के विरुद्ध केस चलाने की मंजूरी मिल गई है, जबकि संबंधित एसडीओ के विरुद्ध विभागीय चार्जशीट की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

12 जुलाई को गलेरिया रोड पर निर्माणाधीन बरसाती नाले में वर्षा का पानी भर गया था। मौके पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं होने के कारण युवक नरेश नाले में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

पुलिस जांच के बाद मंजूरी, 2 जेई पर चलेगा केस

मामले की जांच के बाद गुरुग्राम पुलिस ने जीएमडीए से एसडीओ जगदीश चंद्र, जेई इकरार हुसैन और जेई राजहंस के विरुद्ध केस चलाने की अनुमति मांगी थी।

अब जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने दोनों जेई के मामले में केस चलाने की स्वीकृति दे दी है। वहीं, एसडीओ जगदीश चंद्र को चार्जशीट करने की प्रक्रिया अलग से चलाई जाएगी, जो विभागीय लापरवाही के दायरे में आएगी।

टेंडर नियमों में सख्ती: बिना बैरिकेडिंग नहीं मिलेगा भुगतान, लगेगा जुर्माना

हादसे के बाद जीएमडीए ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सीईओ पीसी मीणा ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि अब किसी भी निर्माण स्थल पर उचित बैरिकेडिंग के बिना ठेकेदार को भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके अलावा भारी जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। जीएमडीए के अब सभी टेंडरों में इन नियम शर्तों को शामिल किया जाए

सेक्टर-70 में फिर वही खतरा, आठ महीने से अधूरा काम

जहां एक ओर जीएमडीए प्रशासन सख्ती की बात कर रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर हालात अभी भी चिंताजनक हैं। सेक्टर-70 की मुख्य सड़क पर सीवर मास्टर लाइन बिछाने का काम पिछले आठ महीनों से अधूरा पड़ा है। सुभाष इंफ्रा एजेंसी द्वारा किए जा रहे इस कार्य में कई जगह गहरे गड्ढे खुले हैं और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है।

सबसे गंभीर बात यह है कि कई स्थानों पर उचित बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है। ऐसे में वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति बनने पर यहां भी गलेरिया जैसा हादसा दोहराने का खतरा बना हुआ है।

हजारों लोगों की आवाजाही, जोखिम बरकरार

यह सड़क सेक्टर-69 और 70 की प्रमुख रिहायशी सोसायटियों को जोड़ती है। ट्यूलिप व्हाइट, आरेंज, वायलेट, प्रिवी अवांते, सनब्रीज, ट्यूलिप लीफ, द वेनेशियन स्काई, एआरसी, क्रिमसन और ग्रीन ओक्स जैसी सोसायटियों के हजारों निवासी रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके अलावा 3 रोड्स माल तक पहुंचने के लिए भी यही मुख्य सड़क है।

लापरवाही बरतने के मामले में दो जेई पर केस चलाने की स्वीकृति दी गई है और एसडीओ को चार्जशीट किया जाएगा। इसके अलावा अब जीएमडीए के टेंडरों में बैरिकेडिंग करना, जुर्माने आदि का प्रावधान कर नई शर्तें लगाई हैं। अगर कहीं पर भी नाले खुले मिले तो ठेकेदार के साथ ही संबंधित अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

– पीसी मीणा, सीईओ जीएमडीए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top