
देवघर। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि राज्य सरकार सभी जिला सदर अस्पतालों में बच्चों के लिए बेबी वार्ड खोलने जा रही है।
इसके साथ ही आईसीयू और बीआईसीयू की स्थापना की जाएगी तथा उनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री रविवार को इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा आयोजित पेडिकान सीएमई कार्यक्रम में राज्यभर से आए शिशु रोग विशेषज्ञों को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि शिशु रोग विशेषज्ञों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। बच्चे के जन्म के साथ ही यदि किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है तो सबसे पहले लोग शिशु रोग विशेषज्ञों से ही संपर्क करते हैं। ऐसे में बच्चों की जान बचाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि देवघर में भी बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इसको लेकर कुछ अड़चनें थीं, जिन्हें अब दूर कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में मेडिकल कालेज खोलने को लेकर वह कई बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले। लगातार प्रयास और दबाव के कारण मेडिकल कॉलेज खोलने का रास्ता साफ हुआ।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में जितनी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होनी चाहिए थीं, उतनी विकसित नहीं हो सकीं। इस वजह राज्य गठन के बाद इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
बच्चों की बीमारी, उपचार व नई तकनीक पर हुई चर्चा
इससे पहले कार्यक्रम के दौरान डॉ. के समीर, डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, डॉ. राजन कुमार, डॉ. रतन कुमार, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. निखिल केडिया, डॉ. नरेश प्रसाद, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. श्यामल कुमार सहित अन्य चिकित्सकों ने बच्चों से जुड़ी बीमारी, उपचार में नई तकनीक सहित इससे जुड़ी तमाम बातों को विशेषज्ञों ने साझा किया।
इनकी थी मौजूदगी
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. केके सिंह, आर्गेनाइजेशन सेक्रेटरी डॉ. सतीश ठाकुर, डॉ. शत्रुघ्न सिंह, डॉ. राजेश प्रसाद, डॉ. रमन कुमार, डॉ. अशोक कुमार अनुज, डॉ. रोहन मुकुल, डॉ. सोनाली वर्मा, डॉ. समरिका, डॉ. कनिका मनाली, डॉ. सोनाली कुंडू सहित अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

