आगरा किला: अंगूरी बाग को मिलेगा 400 साल पुराना स्वरूप, ASI करेगा जीर्णोद्धार; नूरजहां ने बनवाया था ऐतिहासिक बाग

 आगरा। धरती की जन्नत कहे जाने वाले कश्मीर से जुड़े आगरा किला में स्थित अंगूरी बाग की 400 वर्ष पुरानी रंगत लौटेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का आगरा सर्किल अंगूरी बाग में लाल बलुई पत्थर (रेड सैंड स्टोन) की रेलिंग लगाकर उसका पुराना स्वरूप बहाल करेगा।

इसके लिए एएसआइ के आगरा सर्किल ने दिल्ली मुख्यालय को 35 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेजा है। इसके स्वीकृत होने पर बाग में रेलिंग लगवाने का काम किया जाएगा।

आगरा किला स्थित अंगूरी बाग में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लगाएगा पत्थर की रेलिंग

आगरा किला में खास महल के सामने अंगूरी बाग बना हुआ है। शहंशाह जहांगीर के शासनकाल (1605 से 1627) के शासनकाल में साम्राज्ञी नूरजहां ने इसे बनवाया था। इसके लिए कश्मीर से मिट्टी मंगवाई गई थी। यहां अंगूर की बेल लगे होने की वजह से इसका नाम अंगूरी बाग पड़ गया। बाग के चारों ओर रेड सैंड स्टोन की आकर्षक झाली का काम था। करीब छह दशक पूर्व यह जाली टूट गई थीं।

35 लाख रुपये की आएगी लागत, दिल्ली मुख्यालय से प्रस्ताव की स्वीकृति का इंतजार

पद्मश्री केके मुहम्मद ने वर्ष 2003 में अंगूरी बाग में ट्रेंच लगवाया था। तब वह यहां अधीक्षण पुरातत्वविद के पद पर तैनात थे। इसमें नीचे बाग की मूल संरचना मिली थी। ब्रिटिश काल में उसी पैटर्न को अपनाकर बाग लगा दिया गया था। वर्ष 2019 में दो रेलिंग लगाकर उन पर अंगूर की बेल चढ़ाई थीं। वर्ष 2022 में बाग के दो ओर लाल बलुई पत्थर की रेलिंग लगाई गई थी। अब बाग की बची दो अन्य दिशाओं में रेलिंग लगाने का प्रस्ताव तैयार कराकर दिल्ली मुख्यालय भेजा गया है।

अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिथा एस. कुमार ने बताया कि अंगूरी बाग को उसके मूल स्वरूप में सहेजते हुए पुराने डिजाइन की पत्थर की रेलिंग लगाई जाएगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top