
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा को कई दिन हो चुके हैं। उनकी मांग है कि उनकी बेटी का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। वहीं, ट्विशा का पति समर्थन सिंह की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है और वह फरार चल रहा है।
ट्विशा के पति समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह पर हत्या और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। इस आरोप पर नवनिधि शर्मा का कहना है कि दहेज लेना और देना आम बात है। कोई सीधे-सीधे डिमांड करता है तो कोई घुमा फिरा के मांगता है।
‘दहेज के लिए अपनाते हैं अलग-अलग तरीके’
उन्होंने कहा, “देखिए आज के समय में दहेज एक ऐसा शब्द है जिसकी मांग लोग बिना इस शब्द का इस्तेमाल किए अलग-अलग तरीकों से करते हैं। वे ऐसी परिस्थितियां पैदा कर देते हैं कि आपकी जेब से पैसे निकल ही जाते हैं। कोई भी यह नहीं कहता कि मुझे दहेज दो।”
नवनिधि शर्मा ने बताया कि मान-मर्यादा और खर्चों को लेकर मांगें उठने लगीं। शादी के बाद ताने मिलने लगे। उन्होंने कहा, “जब ट्विशा की नौकरी चली गई तो उनके ताने शुरू हो गए कि हम तुम्हें खाना कैसे खिलाएंगे? ये सारी बातें सामने आने लगीं।”
‘हनीमून के दौरान ही आया पहला संकेत’
ट्विशा के पिता ने कहा, “यह सब शुरुआत में शुरू हो गया था क्योंकि कोई भी इंसान इतनी जल्दी डिमांड नहीं कर पाता है। शुरुआत में ही उसका रवैया एक अपराधी जैसी मानसिकता वाला लगा। हनीमून के दौरान किसी बात पर गुस्सा होकर अपनी पत्नी को धक्का दे दिया। तब ट्विशा ने अपने भाई से कहा भी कि क्या मैंने कोई गलत फैसला तो नहीं ले लिया।”
उन्होंने आगे कहा, “ट्विशा के भाई ने उससे कहा कि कभी-कभी इंसान थोड़ा बहुत गुस्सा कर जाता है तो इसे बहुत ज्यादा गंभीरता से मत लो। अब लगता है कि हमें इसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए था। बेटियां अपनी शादी बचाने के लिए बहुत सी बातें नजरंदाज कर देती हैं।”
‘भेड़ की खाल में भेड़िया है समर्थ सिंह’
नवनीधि शर्मा ने ट्विशा के पति को “भेड़ की खाल में भेड़िया” बताया। उन्होंने कहा, “अगर आप उसके इतिहास पर नजर डालें तो उस घर की पहली बहू ने भी उत्पीड़न के कारण तलाक ले लिया था। बहुत सारे आश्वासन दिए गए थे, जो बाद में पूरे नहीं हुए।” 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने पति के घर पर ट्विशा फंदे से लटकी हुई मिली।
मैसेज के जरिए ट्विशा ने अपनी मां से किया दर्द बयां
ट्विशा और उसकी मां के बीच मैसेज में उसकी बढ़ती परेशानी के बारे में बताया गया था। 30 अप्रैल को उसने लिखा, “क्यों भेजा मुझे यहां। ये यहां बात ही नहीं कर रहा है।” (तुमने मुझे भोपाल क्यों भेजा? वह मुझसे बात नहीं कर रहा है।) भोपाल बुलाकर फिर से सब नाटक। मेरा जीवन नरक हो गया है मम्मी।” फिर 7 मई को उसने विनती की, “मां आप मुझे यहां से लेने आ जाओ कल प्लीज।”
उसने कहा कि ऐसा लगता है उसके पति को अब उसकी जरूरत नहीं रही और वह एक साल से उसे बर्दाश्त कर रहे हैं। उसने अपनी मां से अकेले आने को कहा। ट्विशा ने अकेलापन महसूस करने के बारे में भी लिखा। उसने आरोप लगाया कि उसके पति ने उसके बच्चे के पिता होने पर सवाल उठाया और अबॉर्शन के लिए मजबूर किया।
9 मई को भेजे गए मैसेज में उसने कहा, “मुझे पूछ रहा है वो किसका बच्चा था और मैं इग्नोर करूँ??? यह अपने घटियापने की हर लिमिट क्रॉस करके बैठा है। कैसे रहूं इसके साथ।” उसने अपनी मां से कहा, “मम्मी यहां पर मैं बस पागल हो जाऊंगी। मुझसे नहीं हो पा रहा ये सब।”
ट्विशा ने दावा किया कि उसका पति ने उसके पिता से जमीन पर नाक रगड़कर माफी मांगने को कहा। उसने अपने पति और सास को बेरहम बताया और कहा कि उसे घुटन महसूस हो रही है।
अपनी आखिरी बातचीत में ट्विशा ने कहा कि उसका किसी से बात करने का मन नहीं है। उसने अपनी मां से कहा कि अगर उससे नॉर्मल बात की जाए तो वह भी वैसा ही जवाब देगी।

