
पठानकोट। पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर लगाए गए जासूसी कैमरे के मामले में जिला पुलिस की ओर से एक और आरोपित को काबू किया गया है। पठानकोट में गिरफ्तार जासूस ने 40 हजार रुपये के लिए भारतीय सेना व पैरामिलिट्री फोर्सेज की गतिविधियों की लाइव फीड पाकिस्तान तक पहुंचाई। उसने इसी साल जनवरी महीने में 3 साथियों के साथ मिलकर पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर हाई-डेफिनेशन 360 डिग्री कैमरा लगाया था।
इसे हाईवे से सेना के काफिले गुजरते हैं। पठानकोट एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू ने किसी दुकान पर इस कैमरे को लगवाया था। जिसका एक्सेस बलजीत और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर के पास था। प्राइवेट इंटरनेट असेस के जरिए फीड पाकिस्तानी हैंडलरों तक भेजता था। पूछताछ में सामने आया है कि उसे दुबई में बैठे शख्स की ओर से निर्देश दिए जा रहे थे।
बुधवार रात (20 मई) को पुलिस ने उसे पकड़ा था। इसके बाद उसे 5 दिन की रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ शुरू की जा रही है। पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे (NH-44) भारतीय सेना, वायु सेना और सीमा सुरक्षाबलों के लिए सबसे अहम रणनीतिक मार्गों में से एक माना जाता है। यह हाईवे पंजाब को जम्मू-कश्मीर से जोड़ता है और कश्मीर घाटी व सीमावर्ती इलाकों तक सेना की आवाजाही, हथियार, गोला-बारूद और जरूरी सैन्य रसद पहुंचाने की मुख्य लाइफलाइन है।
दुकान मालिक को भी किया गिरफ्तार
जांच के दौरान दुकान मालिक अंकित शर्मा निवासी गांव फिरोजपुर कलां जिला पठानकोट को भी नामजद कर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार उसे जानकारी थी कि सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड देश विरोधी तत्वों तक भेजी जा रही है।
नशे की लत बनी जासूसी की वजह
एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि बलजीत सिंह पठानकोट के धारीवाल चक्क का रहने वाला है। वह नशे का आदी है। अकसर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतें या असामाजिक तत्व ऐसे युवाओं को निशाना बनाते हैं जो नशे की गिरफ्त में हों।
आरोपी भी नशे के कारण कुछ लोगों के संपर्क में आया, जो गुरदासपुर के रहने वाले थे। ये लोग नशा बेचने का काम करते हैं। उन्हीं के जरिए बलजीत इस नेटवर्क से जुड़ गया और उसका इस्तेमाल किया गया।
खुफिया इनपुट पर सीआईए ने की कार्रवाई
पुलिस को खूफिया जानकारी थी कि इस एरिया से खूफिया जानकारी बाहर जा रही है। सी आई ए स्टाफ ने तकनीकी तरीके से बारीकी से जांच की और कैमरे को खोज निकाला। जिला पुलिस ने जाल बिछाया और बलजीत को एनएच-44 से गिरफ्तार कर लिया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया।
अप्रैल में आरोपी ने छिपा दिया था कैमरा
अप्रैल में पठानकोट-जालंधर नेशनल हाइवे स्थित गांव तलवाड़ा जट्टां में एक सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल किया गया था। जिसे बरामद किया गया और पुलिस ने पूरे पठानकोट ने अन्य स्थानों पर भी सीसीटीवी होने की संभावना को देखते हुए जिला भर में कासो ऑपरेशन चलाया था। बलजीत ने कैमरा उतार कर दुकान में छिपा लिया था। जिसे बाद में दोबारा लगा दिया गया।
दुकानदार को सब पता था, गिरफ्तार किया
बलजीत ने ये सीसीटीवी एनएच-44 पर पुल नंबर 4 से 5 के बीच पड़ती एक मैट्रेस की दुकान पर लगाया था। जांच के दौरान दुकान मालिक अंकित शर्मा निवासी गांव फिरोजपुर कलां (पठानकोट) को भी नामजद कर गिरफ्तार कर लिया। उसे जानकारी थी कि CCTV कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान भेजी जा रही है।
हाई-डेफिनेशन 360 डिग्री कैमरे से रखी नजर
एसएसपी ने बताया कि सीआईए स्टाफ ने जो कैमरा बरामद किया है वह हाई डेफिनेशन है। जोकि, 360 डिग्री की कवरेज करता है और हर हालात में हर विजुअल को कैप्चर करने की क्षमता रखता है। इस कैमरे को प्राइवेट इंटरनेट असेस के साथ एयर फाइबर मॉडम से जोड़ा गया था। जिससे इस सारी फीड को दुबई में बैठे हैंडलर के निर्देश पर पाकिस्तान भेजा जाता था।
ये आरोपी भी साजिश में शामिल इस मामले में बलजीत के साथ नामजद किए गए आरोपियों में विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का निवासी नया पिंड, सुजानपुर, बलविंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ तन्नू शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 111, 113(3), 152 और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 की धारा 3 के तहत सुजानपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है।

