
गुरुग्राम। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में मीडिया विभाग में होने जा रही प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर और सरकारी नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं।
आरोप के मुताबिक जिस पद पर अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के उम्मीदवार की नियुक्ति होनी चाहिए थी, उस पद पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है। प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति रोस्टर प्रणाली के तहत होती है और तीन सामान्य वर्ग के प्रोफेसरों के बाद चौथा पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित होना चाहिए था।
प्रोफेसर पद के लिए चार जून को साक्षात्कार प्रस्तावित
यह भी दावा किया गया है कि दो वर्ष पूर्व निकाले गए पद के लिए नियुक्ति से पहले सरकार से आवश्यक मंजूरी ली जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। साथ ही रोस्टर रजिस्टर को विधिवत मेंटेन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार प्रोफेसर पद के लिए चार जून को साक्षात्कार प्रस्तावित हैं, जबकि आठ जून को होने वाली कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में नियुक्ति पर अंतिम मुहर लग सकती है।
मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। कुलपति संजय कौशिक से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन न उठने से उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।

