डीएलएफ गुरुग्राम में अवैध निर्माणों और व्यावसायिक गतिविधियों पर चलेगा बुलडोजर, 3500 से अधिक संपत्तियों पर खतरा

नया गुरुग्राम। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग गुरुग्राम ने डीएलएफ फेज-एक से फेज-पांच तक रिहायशी मकानों में किए गए अवैध निर्माणों तथा अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध व्यापक एन्फोर्समेंट अभियान चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। विभाग द्वारा अगले सप्ताह से इस विशेष अभियान की शुरुआत डीएलएफ फेज-तीन से की जाएगी।

इसके बाद डीएलएफ फेज-एक, दाे, चार एवं पांच में क्रमवार कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान जिला नगर योजनाकार एन्फ़ोर्समेंट (डीटीपीई) अमित मधोलिया के नेतृत्व में चलाया जाएगा।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा 29 मई 2026 को डीएलएफ सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन बनाम हरियाणा सरकार एवं अन्य मामले में पारित आदेशों की अनुपालना में की जा रही है। न्यायालय ने 26 नवंबर 2025 को पारित अंतरिम रोक आदेश को केवल उन अतिरिक्त प्रतिवादियों तक सीमित कर दिया है जिन्होंने स्वयं को मामले में पक्षकार बनाया है।

जिन संपत्तियों के मालिकों ने स्वयं को पक्षकार नहीं बनाया है अथवा जिनके पक्ष में किसी सक्षम न्यायालय का स्थगन आदेश या यथास्थिति आदेश प्रभावी नहीं है, उनके विरुद्ध विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

संपत्ति मालिकों ने स्वयं को मामले में पक्षकार बनाया

विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार डीएलएफ के पांचों फेज में लगभग 3,500 से अधिक ऐसी संपत्तियां हैं जिन पर से न्यायालय द्वारा दी गई रोक हट चुकी है। वहीं जिन संपत्ति मालिकों ने स्वयं को मामले में पक्षकार बनाया है, उन्हें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 6 जुलाई 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया गया है। विभाग की ओर से कुल 5,099 मकानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनका पूरा विवरण विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में डीटीपीई कार्यालय द्वारा डीएलएफ फेज-3 स्थित 300 से अधिक संपत्तियों के संबंध में 12 एवं 13 जून 2026 को रेस्टोरेशन के अंतिम आदेश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जिन संपत्ति मालिकों ने विभाग के समक्ष अपने जवाब दाखिल किए थे, उनके मामलों में भी विभाग की ओर से स्पीकिंग आर्डर पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
अभियान के दौरान स्टिल्ट पार्किंग में किए गए अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा।

क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

इसके अलावा स्वीकृत भवन योजना के विपरीत किए गए निर्माणों को ध्वस्त करने, अवैध रूप से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों, पीजी, गेस्ट हाउस तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को सील करने और सड़कों व राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए विभागीय टीमों का गठन कर आवश्यक मशीनरी एवं संसाधनों की व्यवस्था कर ली गई है।

अगले सप्ताह से अभियान शुरू किया जाएगा। सभी संपत्ति मालिकों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघनों को तत्काल प्रभाव से स्वयं हटा लें। ऐसा नहीं करने पर हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 तथा अन्य लागू प्रावधानों के तहत ध्वस्तीकरण और सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का आग्रह स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा यदि कोई व्यक्ति सरकारी कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। – अमित माधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग

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