
संभल। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले भागीरथी तीर्थ परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई की। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने दो बुलडोजरों की मदद से कुंड के किनारे किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया।
लोगों को पहले ही चेतावनी दी गई थी, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर कार्रवाई की गई। अब तीर्थ की भूमि पर बनी अन्य दुकानों और निर्माणों की भी जांच कराई जा रही है।
रायसत्ती स्थित प्राचीन भागीरथी तीर्थ परिसर में लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही थीं। कुंड के किनारे टीन शेड लगाकर भूसे का भंडारण और बिक्री की जा रही थी, जिससे तीर्थस्थल का अस्तित्व छिपा हुआ था। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया।

कुंड परिसर में सफाई करता बुलडोजर
बुधवार को चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
बुधवार को राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान दो बुलडोजरों की मदद से अवैध टीन शेड और अन्य अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
डीएम और एसपी ने किया था तीर्थ का निरीक्षण
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने बताया कि हाल ही में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने भागीरथी तीर्थ का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान तीर्थ परिसर में अतिक्रमण मिलने पर उसे हटाने के निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि अतिक्रमण करने वालों को पहले चेतावनी देकर स्वयं कब्जा हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
तहसीलदार को जांच सौंपी गई है
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्राथमिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि तीर्थ की भूमि पर कुछ स्थायी दुकानें और अन्य निर्माण भी किए गए हैं। इस संबंध में तहसीलदार को जांच सौंपी गई है। राजस्व अभिलेखों का मिलान कर यह देखा जा रहा है कि कौन-कौन से निर्माण तीर्थ की भूमि पर हुए हैं।
भागीरथी तीर्थ संभल की महत्वपूर्ण 68 तीर्थो में शामिल है और इसके संरक्षण तथा सुंदरीकरण के लिए चल रहे प्रयासों के तहत कार्रवाई की गई है। बुलडोजर से कुंड में जमी घासफूस हटाई जा रही है।

