गुरुग्राम: अरावली की तलहटी में बस सकता है HSVP का नया सेक्टर, शिकोहपुर से मिली 107 एकड़ जमीन

 नया गुरुग्राम। अरावली पर्वत श्रृंखला के समीप नया रिहायशी सेक्टर विकसित करने की दिशा में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की योजना को शुरुआती गति मिलती दिखाई दे रही है।

गांव शिकोहपुर के जमीन मालिकों ने 107 एकड़ भूमि एचएसवीपी को देने की सहमति जताई है। संपदा अधिकारी कार्यालय एक ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया आपसी सहमति के आधार पर शुरू की जाएगी।

प्रदेश सरकार की ई-भूमि योजना के तहत एचएसवीपी पूरे हरियाणा में करीब 1.67 लाख एकड़ भूमि पर नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी कर रहा है। गुरुग्राम-मानेसर क्षेत्र में लगभग 17,500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

ऑनलाइन आवेदन मांगे

इसके लिए जमीन बेचने के इच्छुक किसानों और भू-स्वामियों से आनलाइन आवेदन मांगे गए थे। गुरुग्राम में अब तक आठ गांवों के जमीन मालिक करीब 196 एकड़ भूमि देने की इच्छा जता चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा प्रस्ताव गांव शिकोहपुर से प्राप्त हुआ है, जहां 107 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की पेशकश की गई है।

यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो अरावली के निकट एचएसवीपी का नया सेक्टर विकसित किया जा सकेगा। यह इलाका लेपर्ड ट्रेल के समीप होने के कारण भी खास माना जाता है, जहां प्रत्येक सप्ताह बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं।

इसके अलावा दौलताबाद से 7.85 एकड़, नवादा फतेहपुर से 1.10 एकड़ और हरसरू से करीब 30 एकड़ भूमि के प्रस्ताव मिले हैं। हरसरू की भूमि सेक्टर-88ए, 88बी और 95ए के दायरे में आती है।

मेवका और ढोरका से भी मिले प्रस्ताव

गुरुग्राम-पटौदी रोड स्थित मेवका और ढोरका गांवों के जमीन मालिकों ने भी करीब 42 एकड़ भूमि एचएसवीपी को देने की इच्छा जताई है। एचएसवीपी के नियमानुसार किसी भी रिहायशी सेक्टर में कुल भूमि का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा प्लॉट के रूप में विकसित किया जाता है, जबकि शेष 55 प्रतिशत क्षेत्र सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आरक्षित रखा जाता है।

सुल्तानपुर क्षेत्र में भी सेक्टर की तैयारी

फरुखनगर के सेक्टर-एक के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में भी करीब सात एकड़ भूमि का प्रस्ताव मिला है। हालांकि यह क्षेत्र सुल्तानपुर झील के प्रभाव क्षेत्र में आता है, जहां पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार झील से पांच किलोमीटर की परिधि में निर्माण गतिविधियों पर विशेष नियम लागू हैं।

दो दशक पहले विकसित हुए थे सेक्टर

गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत एचएसवीपी ने लगभग दो दशक पहले सेक्टर-57 विकसित किया था। इसके बाद सेक्टर-58 से 115 तक रिहायशी और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए निजी डेवलपर्स को लाइसेंस जारी किए गए।

इसी वर्ष फरवरी में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 1.67 लाख एकड़ भूमि खरीदकर नए सेक्टर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी थी, जिसमें गुरुग्राम की करीब 17,500 एकड़ भूमि भी शामिल है।

एचएसवीपी के संपदा अधिकारी एक राकेश सैनी का कहना है कि ई-भूमि योजना के तहत नए सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके लिए गांवों में शिविर लगाकर आवेदन लिए गए थे।

गुरुग्राम के आठ गांवों से करीब 196 एकड़ भूमि के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सभी प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिए गए हैं। स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित जमीन मालिकों से खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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