26 दिन के अनशन पर उठे सवालों से भावुक हुए सोनम वांगचुक, बोले- डील करनी होती तो भूखा क्यों रहता?

गुरुग्राम। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन के अनशन के बाद उस पर उठ रहे सवालों पर नाराजगी और दुख जताया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी तरह की डील या सौदा ही करना होता तो 26 दिन तक भूखे रहने की जरूरत नहीं पड़ती।

शुक्रवार रात करीब साढ़े 10 बजे उन्होंने अपने एक्स हैंडल से दो मिनट 59 मिनट का वीडियो संदेश जारी करके वांगचुक ने कहा कि अनशन के दौरान उनका 11 किलो वजन कम हो गया, मांसपेशियां कमजोर हो गईं और शरीर के अंगों व दिमाग पर स्थायी नुकसान होने की स्थिति बन गई।

क्या अब क्या मुझे चरित्र प्रमाण पत्र देना होगा?

लद्दाख की कड़ाके की ठंड से लेकर दिल्ली की भीषण गर्मी तक उन्होंने यह संघर्ष किया। अब क्या मुझे 26 दिनों तक भूखे रहने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी? उन्होंने कहा कि अब वह तरल आहार लेना शुरू कर चुके हैं, जिससे शरीर में थोड़ी ताकत लौटी है।

हालांकि, उन्हें दुख इस बात का है कि अनशन खत्म करने के तरीके को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि उन्होंने किसके हाथों अनशन तुड़वाया और क्या इसके पीछे कोई डील हुई।

वांगचुक ने सवालिया लहजे में कहा कि अगर सौदा करना होता तो क्या मैं 26 दिन भूखा रहता? क्या एयर कंडीशन कमरे में बैठकर डील नहीं हो सकती थी? इसके लिए सड़क किनारे तपती धूप में बैठने की क्या जरूरत थी? उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

अस्पताल कर्मियों पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अधिकांश लोगों को दोष नहीं देते, क्योंकि कई लोग पूरी सच्चाई जाने बिना ऐसी बातें कर रहे हैं। देश में ऐसी मानसिकता के कुछ लोगों का होना भी दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने दिल्ली स्थित अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगते हुए वीडियो भी साझा किया, जिसमे वह सुरक्षा कर्मी से गिरफ्तार करने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में वांगचुक अपने सामान व सहयोगियों के साथ बाहर निकलते दिख रहे हैं और सुरक्षा कर्मी उन्हें रोकने की कोशिश रहे हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top